BREAKING अब नहीं होगा ट्रेन में कोई अपराध, क्योकि आरपीएफ करने वाली है ये बड़ा काम
रतलाम . Indian railway में बढ़ते अपराध को रोकने अब अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी की जा रही है। इसके अंतर्गत आरपीएफ अधिकारियों को दो से तीन train गोद दी जाएगी। इन गोद ली हुई ट्रेन में सुरक्षा की जवाबदेही rpf अधिकारियों की होगी। इलाहबाद व कानपुर के बाद अब ये व्यवस्था पश्चिम रेलवे के रतलाम में शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। वहां सफल होने के बाद ग्वालियर में शुरू किया गया, अब रतलाम में तैयारी चल रही है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इलाहबाद व कानपुर में ट्रेनों को गोद लेने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। आरपीएफ के सुरक्षा आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त व सहायक आयुक्त स्तर के अधिकारियों ने ट्रेन को गोद लिया हुआ है। ये 24 घंटे मंडल में ट्रेन के प्रवेश होने से लेकर मंडल से बाहर निकलने तक संरक्षा व सुरक्षा की मॉनिटरिंग करते है।
मंडल में हो रही समीक्षा
रेल मंडल में किस ट्रेन को गोद लिया जाए इसकी समीक्षा तीन दिन से मंडल का आरपीएफ विभाग कर रहा है। इसके लिए उन ट्रेन का चयन किया जाएगा, जिसमें अपराध अधिक होते है। जिससे अपराध रोकने की दिशा में सकारात्मक सहयेाग वे कर पाए। इसके लिए अगले एक-दो दिन में निर्णय हो जाएगा। जो TRAIN गोद ली जाएगी, उसके आरक्षण चार्ट पर गोद लिए गए अधिकारी का नाम, पद व मोबाइल नंबर रहेगा, जिससे जरूरी होने पर यात्री सीधे बात कर सके।
बेहतर निगरानी के लिए जरूरी
नई व्यवस्था को जल्दी लागू करने पर अंतिम दौर की तैयारी जारी है। इससे ट्रेन में होने वाले अपराध को रोकने की दिशा में बड़ी मदद मिलेगी। यात्रियों से भी अपील है वे कुछ भी संदिग्ध देखें तो तुरंत १८२ हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे।
- कुमार निशांक, मंडल सुरक्षा आयुक्त