
रतलाम। कुछ दिन पूर्व प्लेटफॉर्म नंबर चार पर यात्रियों के लिए पेड एंड युज सुविधाघर की शुरुआत रेलवे ने की है। यहां किस कार्य के लिए कितने रुपए लगेंगे, इसका बोर्ड तक नहीं लगा है। इसके अलावा अनारक्षित टिकट घर पर जो सुविधाघर बना हुआ है, वहां बार-बार निर्देशों के बाद भी शुल्क का बोर्ड नीचे नहीं लगाया जा रहा है। एेसे में दोनों स्थान पर यात्रियों से मनमर्जी के रुपए लिए जा रहे हैं।
पहले बात चार नंबर कीअसल में चार नंबर प्लेटफॉर्म पर यात्री सुविधाघर काफी पुराना हो गया था। यहां पर व्यक्तिगत रुची लेकर तत्कालीन वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक केके सिन्हा ने नया पेड एंड युज सुविधाघर बनाने की मंजूरी दिलवाई। इसके बाद ये तय हुआ की इसको डीलक्स की तरह नहीं चलाया जाकर सामान्य यात्रियों को लाभ हो, इस तरह कम दर पर चलाया जाएगा। लेकिन शुरू होने के एक सप्ताह बाद तक यहां पर संचालकों ने किस कार्य की क्या दर रेलवे ने मंजूरी दी है, ये तय नहीं हुआ है। एेसे में जब ट्रेन का इंतजार करते हुए यात्रियों को यहां जाने की जरुरत होती है तो संचालक मनमर्जी से रुपए वसूल रहे है।
अब बात टिकट घर की
टिकट घर के समीप बने सुविधाघर में तो जो शुल्क का बोर्ड लगा हुआ है, वह इतना ऊंचा है कि उसको सामान्य यात्री ता ेदेख ही नहीं पाता है। पूर्व में तत्कालीन मंडल रेल प्रबंधक मनोज शर्मा ने दो बार निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए की बोर्ड को नीचे लगाया जाए, जिससे यात्री इसको देख सके। लेकिन स्टेशन पर पदस्थ वाणिज्य प्रबंधक से लेकर स्टेशन प्रबंधकों ने इसके लिए हां तो की, लेकिन अब तक ये कार्य करवाया नहीं। एेसे में यहां से तो आए दिन यात्रियों की शिकायत १० रुपए लिए जाने की आती है। यहां तक की सोशल मीडिया पर हुई शिकायत के बाद तो संचालक पर जुर्माना तक किया, लेकिन इसके बाद भी अब तक बोर्ड आम यात्री को दिखे इतना नीचे नहीं हुआ।
यात्री लगातार शिकायत करे
सुविधाघर पर बोर्ड होना जरूरी है। जहां बोर्ड नहीं है वहां इसे लगाए जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जहां है व उपर है तो इसको नीचे लगाने को कहा जा रहा है। इसके बाद भी अगर अधिक राशि ली जाती है तो यात्रियों को सोशल मीडिया पर शिकायत करना चाहिए।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल