ज्ञापन की नहीं मिली अनुमति, काली पट्टी बांधकर किया विरोध, अब 7 दिन सत्याग्रह, सोशल मीडिया पर रख रहे पैनी नजर, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा व उससे जुड़े लोगों ने जताया आक्रोश, शहर में दिनभर पुलिस करती रही गश्त।
रतलाम। CAA NRC (नागरिकता संशोधन एक्ट) और एनआरसी (नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर) के मुद्दे पर देशभर में बवाल को देखते हुए शुक्रवार को शहर में शनिवार को पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। मुस्लिम समाज से जुडे़ लोगों ने इस मुद्दे पर ज्ञापन देने के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी, जिसके चलते समाज के लोगों में आक्रोश रहा। राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा से जुड़े लोगों ने जहां शुक्रवार दोपहर में मोचीपुरा मस्जिद में नमाज के पूर्व हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। वहीं, दूसरी और पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला था। शाम को काजी हाउस पर एक बैठक के बाद मुस्लिम वर्ग ने 21 से 27 दिसंबर तक सत्याग्रह करने का ऐलान कर इसे शुरू कर दिया है। समाज के विभिन्न वर्ग के लोग जाकर इसका समर्थन कर रहे है।
मुस्लिम क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात
शहर में विरोध और ज्ञापन की अनुमति नहीं दिए जाने से नाराज होकर कहीं पर कोई हंगामा न कर दे इसे लेकर शनिवार सुबह से पुलिस ने फोर्स तैनात कर रखा था। खासतौर पर मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़ी संख्या में बल की तैनाती की गई थी। आमजन में सुरक्षा की भावना कायम रखने के उद्देश्य से पुलिस-प्रशासन ने मिलकर संयुक्त रूप से शुक्रवार को फ्लैग मार्च निकाला, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर दो बत्ती स्थित पुराने पुलिस कंट्रोल रूम पर पहुंचा। इस दौरान अधिकारियों ने चौराहों और तिराहों पर पाइंटों का निरीक्षण किया।
काजी हाउस पर बैठक में एनआरसी का विरोध
शहर में शुक्रवार की नमाज के बाद काजी हाउस पर मुस्लिम समाज के नागरिक और काजी शहर सैयद अहमद अली व चीफ काजी सैयद आसिफ अली तथा काजी परिवार के सदस्यों ने एक बैठक की है। बैठक में समाजजनों ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की निंदा की और तय किया कि 21 दिसंबर को 11 बजे से सत्याग्रह काजी हाउस के भीतर प्रांगण में शुरु किया, यह 27 दिसंबर तक चलेगा व नमाज के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।
ज्ञापन नहीं लिया तो फिर आमरण अनशन
चीफ काजी सैयद आसिफ अली ने बताया कि 27 दिसंबर को जिला प्रशासन ने ज्ञापन नहीं लिया तो चीफ काजी सैयद आसिफ अली व शहर काजी सैयद अहमद अली के साथ काजी परिवार के नौजवान और समाज के नौजवान आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस संबंध में काजी कौंसिल द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रभारी मंत्री सचिन यादव को भी अवगत कराया गया। इसमें बताया कि प्रशासन ने ज्ञापन की अनुमति नहीं दी है, इसके चलते वे सत्याग्रह शुरू कर चुके है।
हम नहीं करेंगे कागजात पेश
मोचीपुरा क्षेत्र में नमाज के पूर्व हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के जिला संयोजक एजाज खान का कहना था कि केंद्र सरकार ने कहा कि पहले हम सीसीए लाएंगे और बाहर से आए सभी लोगों को नागरिकता देंगे मुस्लिमों को छोड़कर, लेकिन हम इसे लागू नहीं होने देंगे। प्रदेश सरकार का कहना है कि मध्यप्रदेश में इसे लागू नहीं होने देंगे। इस कारण से हम शांतिपूर्ण तरीके से हाथ पर काली पट्टी बांधकर इसका विरोध कर रहे हैं, जो जारी रहेगा। यदि प्रदेश में कहीं भी यह लागू होता है तो हम लोग अपने कागजात पेश नहीं करेंगे, आपको जितने लोगों को बाहर निकालने है निकाल सकते हैं।
एहतियात के तौर पर बल तैनात
एहतियात के तौर पर शहर में सुरक्षा बल तैनात किया गया था, किसी भी प्रकार की अनुमति के लिए शहर एसडीएम कार्यालय पर आवेदन करना होगा, अनुमति संबंधी निर्णय उसी कार्यालय से होगा। अनुमति होने पर धरना या प्रदर्शन या जुलूस निकाला जा सकेगा। वहीं, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी-पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई करेंगे।
- गौरव तिवारी, पुलिस अधीक्षक रतलाम