रतलाम

रेलवे आपको देने जा रही बड़ा झटका, महंगा होगा ट्रेन में सफर, ये रहेगा कारण

रेलवे आपको देने जा रही बड़ा झटका, महंगा होगा ट्रेन में सफर, ये रहेगा कारण

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May 02, 2018
RAILWAY

रतलाम। भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को बड़ा झटका देने जा रही है। रेलवे में जो लगातार यात्रा करते है, उनकी जेब कुछ दिन में हल्की होने लगेगी। एेसा इसलिए होगा क्योकि रेलवे ट्रेन का किराया बढ़ाने जा रही है। इसके लिए कारण रेलवे की परियोजनाओं में आने वाली लागत के मूल्य में वृद्धि होना है। ये वृद्धि का कारण जीएसटी को बताया जा रहा है। एेसे में अब जब आप ट्रेन में यात्रा करेंगे तो टिकट का किराया कुछ अधिक देना होगा।

वस्तु व सेवा कर याने जीएसटी सिस्टम लागू होने के बाद अब ट्रेन का टिकट से लेकर नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स का किराया अधिक लगेगा। जीएसटी ने रेलवे की रतलाम मंडल सहित देशभर में चल रही करोड़ों रुपए की योजनाओं की लागत को 5 से 10 प्रतिशत तक महंगा कर दिया है। जीएसटी लागू होने के बाद निजी क्षेत्र के निर्माता को इनपुट टैक्स के्रडिट याने आईटीसी का लाभ मिल रहा है, इसलिए वे सस्ते रहेंगे, लेकिन सरकारी योजनाओं पर इसका असर पडेग़ा।

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सड़क से लेकर ट्रेन एेसे महंगी

असल में सड़क से जुड़ी योजना हो या ट्रेन से जुड़ी कोई योजना, इनकी लागत जीएसटी लागू होने के बाद अब 10 प्रतिशत तक अधिक कीमत की हो गई है। मंडल में कोटा-चित्तौडग़ढ़-रतलाम तक डबलीकरण व विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। इसके अलावा रतलाम से इंदौर तक बडऩगर के रास्ते में बिजलीकरण हो रहा है। असल में अब 18 प्रतिशत तक जीएसटी देना होगा। असल में जीएसटी सिस्टम से पूर्व तक रेलवे में सिविल कार्य पर छह प्रतिशत तक सर्विस टैक्स लगता था। अब जीएसटी लागू होने के बाद ये 18 प्रतिशत हो गया है। एकदम से 12 प्रतिशत बढऩे के बाद ये माना जा रहा है कि ट्रेन के किराए को बढ़ाकर ये वसूली यात्रियों से की जाएगी। रेलवे के अनुसार विभिन्न परियोजना ेमं स्टील, सीमेंट, लोहा, बिजली के तार आदि लगते है। इनका उपयोग व इस पर जीएसटी काफी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पूर्व में स्टील से लेकर सीमेंट पर 12 से 14 प्रतिशत तक केंद्रीय उत्पाद शुल्क लिया जा रहा था। इसके अलावा मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में 12 से 15 प्रतिशत तक वैल्यू एडेड टैक्स याने वैट लगता था। एेसे में 22 से 30 प्रतिशत तक टैक्स देना होता था।

रेलवे में 10 प्रतिशत अधिक असर

मंडल के लेखा विभाग के अधिकारी के अनुसार जीएसटी लागू होने के बाद मंडल में चल रही विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की लागत 10 प्रतिशत तक महंगी हो गई है। पूर्व में रेलवे की परियोजनाओं पर सर्विस टैक्स नहीं लगता था, क्योकि वित्त विधेयक 1994 में ये व्यवस्था की गई थी कि रेल, सड़क आदि की योजनाओं पर सर्विस टैक्स न लगे। लेकिन बड़ी बात ये है कि जीएसटी में इस बारे में कुछ नहीं लिखा हुआ है। इसके अलावा रेलवे को इनपुट टैक्स के्रडिट का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चलते अनेक परियोजनाओं की लागत बढ़ गई है।

लागत बढ़ी तो किराए से वसूली

जीएसटी लागू होने के बाद निश्चित रुप से मंडल सहित देशभर की विभिन्न रेल परियोजनाआें की लागत में बढ़ोतरी हुई है। इसकी वसूली अनेक तरह से होगी। इसमे ट्रेन का टिकट कुछ हद तक महंगा करना भी शामिल है।

- प्रकाश व्यास, प्रवक्ता, वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन, रतलाम रेल मंडल

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Published on:
02 May 2018 10:35 am
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