रतलाम

Indian Railway : डेमू मेमू चलाने के मनोवैज्ञानिक टेस्ट में फेल हुए मालगाड़ी के छह चालक

18 चालकों ने दी थी परीक्षा, आरडीएसओ ने बड़ोदरा में मालगाड़ी से डेमू मेमू ट्रेन चलाने की अनुमति देने के लिए ली थी परीक्षा

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Dec 05, 2019
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रतलाम. रेल मंडल के 18 में से छह मालगाड़ी चालक अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा आयोजित मनोवैज्ञानिक टेस्ट में फेल हो गए हैं। यह टेस्ट 27 व 28 नवंबर को बड़ोदरा में हुआ था। इस टेस्ट के जरिए मालगाड़ी से डेमू व मेमू ट्रेन चलाने की पात्रता जांची गई थी। फेल हुए चालकों को डेमू व मेमू चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। रेलवे अब इन चालकों से मालगाड़ी ही चलवाएगा।

पश्चिम रेलवे में मनोवैज्ञानिक टेस्ट के लिए बड़ोदरा में जोनल इलेक्ट्रिक ट्रेनिंग सेंटर को अधिकृत किया हुआ है। यहां पर पश्चिम रेलवे के मालगाड़ी चलाने वाले चालकों का इस प्रकार का परीक्षण होता है। यह परीक्षण आयोजित करने की पात्रता सिर्फ अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन को है। प्रतिवर्ष इस प्रकार की परीक्षा यह संगठन लेता है, उसके चालकों के उन्नयन की अनुमति जारी होती है।

IMAGE CREDIT: patrika

इस तरह होती है परीक्षा

इस मनोवैज्ञानिक टेस्ट के लिए एक चालक को कुल 30 मिनट का समय दिया जाता है। इसमे 10-10-10 मिनट के तीन सेट में 150 से 200 सवाल कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिए होते हैं। उसमें इनको सही या गलत का निशान लगाना होता है। इसमे मालगाड़ी परिचालन से लेकर डेमू व मेमू परिचालन से जुडे़ सवाल तो होते ही हैं इसके अलावा संरक्षा या दुर्घटना बचाव से लेकर आपात स्थिति में लिए जाने वाले निर्णय से जुडे़ सवाल होते हैं।

नियमित रुप से मालगाड़ी चलाएंगे
डेमू व मेमू ट्रेन चलाने की पात्रता के लिए साइको टेस्ट मालगाड़ी के इंजन चालक का लिया जाता है। इसमे मंडल के छह इंजन चालक पात्र नहीं पाए गए। अब यह नियमित रूप से मालगाड़ी ही चलाएंगे।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

Published on:
05 Dec 2019 11:15 am
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