
रतलाम. शहर में अनूठी संकल्प यात्रा में सवार 18 से 25 वर्ष के युवा नित्य ब्रह्ममुहूर्त में महादेव के मंदिरों की सफाई और अभिषेक पूजन वंदन के कार्य में जुटे हैं। यह यात्रा 36 दिवसीय होकर 108 महादेव मंदिर पर पहुंचकर पूर्ण होगी।
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धर्म, संस्कृति, सेवा और सनातन संस्कारों का जागरण का उद्देश्य लिए चलाए जा रहे महादेव मंदिरों की पूजन अभिषेक संकल्प यात्रा की पूर्णाहुति 2 अगस्त को होगी। मंगलवार ब्रह्ममुहूर्त में बिलपांक स्थित अत्यंत प्राचीन पांडवों द्वारा पूजित विरूपाक्ष महादेव मंदिर में दिव्य शिवाभिषेक किया। देर रात से ही शिवभक्त बड़ी संख्या में एकत्र होने लगे थे।
अखंड सुंदरकांड पाठ भी
रुद्र महाकाल सेवा समिति की ओर से 36 दिवसीय 108 महादेव मंदिर पूजन संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा हैं। हर दिन वैदिक मंत्रोच्चार, हर-हर महादेव और जय श्री राम के उद्घोष के साथ भगवान शिव का विधिवत अभिषेक किया जा रहा हैं।
विरूपाक्ष महादेव को 56 भोग अर्पित
विरूपाक्ष महादेव को 56 भोग अर्पित कर पूजन-अर्चन किया। समिति ने इस क्रम में 52वें स्फटिकेश्वर, 53वें पारदेश्वर और 54वें विरूपाक्ष महादेव मंदिर में भी शिवाभिषेक किया। 23वें दिन बिलपांक स्थित रुद्रांश मारुति हनुमान मंदिर में अखंड सुंदरकांड पाठ भी आयोजित हुआ।
संतों के सान्निध्य में पूर्णाहुति
समिति प्रमुख ऋषभ सोनी ने बताया कि यह संकल्प यात्रा 22 जून को गढ़ कैलाश महादेव मंदिर से शुरू हुई थी। इस धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति 2 अगस्त को चंपा विहार में होगी। इसमें आचार्य विशोकानंद भारती बीकानेर, योगीपीर रामनाथ उज्जैन, पंडित युवराज पांडेय छत्तीसगढ़ तथा अंबाजी धाम, निपानिया के गुरु मौजूद रहेंगे।
युवा वर्ग प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में कर रहे अभिषेक
सोनी ने कहा कि समिति के 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा सेवक प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में शिव अभिषेक और सुंदरकांड पाठ कर सनातन संस्कृति के संरक्षण का अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। समिति ने नागरिकों से पूर्णाहुति महोत्सव में उपस्थित होने का आग्रह किया है।