रतलाम। जिला अस्पताल में इन दिनों वार्ड वायरल बुखार, सर्दी-खासी के मरीजों से भरे पड़े है। सामान्यत: वायरल बुखार 4-5 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इन दिनों हर दूसरे मरीज की यही शिकायत है कि वायरल संक्रमण के कारण 10-15 दिन बाद भी गले में खराश, शरीर में दर्द बना हुआ है। इसके अलावा बाल चिकित्सालय में बच्चों में मम्स के मामले बढ़ते जा रहे हैं, संक्रमण के कारण गले में सूजन, सिर दर्द और बुखार से बच्चे पीडि़त है।
हर दिन आठ-दस मामले अस्पताल पहुंच रहे हैंं। जिला अस्पताल के नीमवाला वार्ड में वायरल फीवर के मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते पलंग खाली नहीं है। इस कारण कई मरीजों को बाहर बरामदे में उपचार हो रहा है तो कई मरीजों का वार्ड में पलंग के पास जमीन पर गद्दा बिछाकर बाटले चढ़ाई जा रही है। यहीं हाल अन्य वार्डों के भी है।
एक माह से खासी चल रही
राजेशसिंह ने बताया कि वायरल फीवर का पूरा उपचार लेने के बावजूद मेरी खासी बंद नहीं हो रही है, फीवर भी बना हुआ है। मेरे बच्चे को भी गले में इन्फेक्शन हो रहा है, मुझे खासी एक माह होने आए है। मुझे लग रहा है वैक्सीन का असर है। नहीं तो पहले बुखार और खासी ठीक होने में इतना समय नहीं लगता था।
चार दिन में ५८६१ मरीज पहुंचे अस्पताल
पिछले चार दिन में ५८६१ मरीज अस्पताल पहुंचे, इनमें से 711 को भर्ती किया गया। 22 मार्च की शाम पांच बजे तक अस्पताल में ९५० मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे, जिसमें से १३९ को भर्ती किया गया था।