रतलाम

ब्रिजों के नेटवर्क से बदल रही रतलाम की तस्वीर

फाटकों के जाम से फोरलेन की रफ्तार तक पहुंचा रतलाम, नए फोरलेन, ओवरब्रिज, अंडरब्रिज और रिंगरोड ने आसान की रतलाम में यात्रा, निर्माणाधीन ब्रिज पूरे होने पर कनेक्टिविटी को मिलेगी और मजबूती
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Sep 12, 2026
ratlam news
फाटकों के जाम से फोरलेन की रफ्तार तक पहुंचा रतलाम

रतलाम। कभी रेलवे फाटकों पर घंटों इंतजार और व्यस्त चौराहों पर जाम रतलाम की रोजमर्रा की तस्वीर का हिस्सा हुआ करता था। शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचने में लगने वाला अतिरिक्त समय लोगों की परेशानी बढ़ाता था। अब करीब डेढ़ दशक में हुए सड़क और ब्रिज निर्माण के कामों ने इस तस्वीर को काफी हद तक बदल दिया है। शहर में फोरलेन सड़कों का विस्तार हुआ है, रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बने हैं तथा शहर को बाहरी मार्गों से जोड़ने के लिए रिंगरोड तैयार हुआ है। इन परियोजनाओं ने न केवल यातायात को सुगम किया है, बल्कि रतलाम के विकास के लिए भी नई राह तैयार की है।

शहर के अलग-अलग हिस्सों में तैयार हुए फोरलेन और वैकल्पिक मार्गों से मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिली है। वहीं आने वाले समय में जिन ब्रिजों का निर्माण जारी है, उनके पूरा होने के बाद शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।

कई प्रमुख मार्गों पर पूरा हो चुका फोरलेन

बंजली-सेजावता और जावरा फाटक से सेजावता तक फोरलेन का निर्माण पूरा हो चुका है। इन मार्गों के विकसित होने से शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच आवागमन आसान हुआ है। इसी तरह संत रविदास चौक से करमदी तथा ऊंकाला से सालाखेड़ी तक फोरलेन भी तैयार हो चुका है। महू रोड बस स्टैंड से महू-नीमच हाईवे बायपास तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए फोरलेन का काम अभी जारी है। इसके पूरा होने के बाद शहर के अंदरूनी हिस्सों से हाईवे तक पहुंचना और आसान होने की उम्मीद है।

रिंगरोड ने शहर को दिया वैकल्पिक मार्ग

रतलाम में रिंगरोड का निर्माण भी कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बंजली से सागोद रोड, मथुरी और करमदी होते हुए महू-नीमच हाईवे को जोड़ने वाला रिंगरोड तैयार हो चुका है। इस मार्ग से शहर के भीतर से गुजरने वाले यातायात को वैकल्पिक रास्ता मिलने में मदद मिली है। भविष्य में शहर के विस्तार के साथ रिंगरोड की उपयोगिता और बढ़ने की उम्मीद है। बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

निर्माणाधीन ब्रिज बढ़ाएंगे कनेक्टिविटी

रतलाम में कई महत्वपूर्ण ब्रिजों का निर्माण भी जारी है। बंजली-सेजावता बायपास पर रेलवे ओवरब्रिज का काम चल रहा है। इसके तैयार होने के बाद रेलवे लाइन के कारण होने वाले यातायात व्यवधान को कम करने में मदद मिलेगी। इंडस्ट्रियल एरिया को जावरा रोड से जोड़ने के लिए भी ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा रतलाम-शिवगढ़ रोड पर सागोद ब्रिज तथा सागोद गांव के समीप रतलाम रिंगरोड पर भी ब्रिज निर्माण जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच सीधा और सुगम संपर्क स्थापित होने की उम्मीद है।

ईश्वरनगर अंडरब्रिज से गांवों को राहत

ईश्वरनगर रेलवे फाटक के पास अंडरब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिली है। रेलवे फाटक बंद होने के दौरान लगने वाले इंतजार से राहत मिलने के साथ लोगों को वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हुआ है।

सुभाषनगर ब्रिज का इंतजार भी हुआ खत्म

सुभाषनगर रेलवे ब्रिज का लंबे समय से लंबित काम भी अब पूरा हो चुका है। वर्ष 2016-17 से लंबित इस योजना में कोरोना काल के बाद काम ने गति पकड़ी और आखिरकार शहरवासियों को इसकी सुविधा मिल गई। ब्रिज के शुरू होने से क्षेत्र के यातायात को बेहतर विकल्प मिला है और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ है।

सड़क नेटवर्क के साथ विकास को भी रफ्तार

रतलाम में सड़कों, फोरलेन, ओवरब्रिज, अंडरब्रिज और रिंगरोड का बढ़ता नेटवर्क केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग, रोजगार और शहर के विस्तार को भी गति मिलने की संभावना है। निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रतलाम का सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा। करीब डेढ़ दशक में हुए ये बदलाव शहर को पुराने जाम और रेलवे फाटकों की परेशानी से आगे निकालकर तेज, सुगम और व्यवस्थित आवागमन वाले शहर की ओर ले जा रहे हैं।

Updated on:
12 Sept 2026 11:54 am
Published on:
12 Sept 2026 11:52 am