
सैलाना के कल्याण केदारेश्वर मंदिर में विशेष पूजा, पर्याप्त वर्षा के लिए , ग्रामीणों ने किया रुद्राभिषेक, इंद्रदेव से प्रार्थना, कई गांवों में लोगों ने मनाई उज्जैनी
रतलाम. जिले में अल्प वर्षा की स्थिति बन चुकी हैं, सोयाबीन के साथ ही मक्का-कपास आदि फसलों पर पकने का संकट मंडराने लगा हैं। कुछ क्षेत्रों में किसानों ने जिनके पास पानी का साधन है उन्होंने सिंचाई शुरू कर दी, तो गांवों में उज्जैनी मनाकर इंद्रदेव और भोलेनाथ का जलमग्न कर अच्छी बारिश की प्रार्थना की जा रही हैं। शहर में रात 9.30 बजे बाद शुरू हुई बारिश की बूंदाबांदी ने लोगों को राहत दी। जैसे देव ने लोगों की प्रार्थना सुन ली।
क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना को लेकर सैलाना के समीप स्थित प्राचीन छोटा कल्याण केदारेश्वर महादेव मंदिर में ग्रामीणों ने विशेष पूजा-अर्चना की। सरवन मार्ग पर स्थित इस मंदिर में बड़ी संख्या में इंद्रदेव को प्रसन्न करने और क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा की प्रार्थना के लिए ग्रामीण एकत्र हुए और शिवलिंग को जलमग्न कर विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया।
इन गांवों के लोगों ने किया अभिषेक
सैलाना, हरसोला, कोटड़ा, आम्बाकुड़ी और रिछी सहित आसपास के गांवोंं से आए श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के पवित्र शिवलिंग का जल से अभिषेक किया। उन्होंने क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और समय पर अच्छी वर्षा के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। पं. युवराज त्रिवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान शिव के जयकारों के बीच रुद्राभिषेक संपन्न करवाया।
उनका जीवन पूरी तरह वर्षा पर निर्भर
इसके बाद भगवान कल्याण केदारेश्वर महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना कर आरती की गई। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र की कृषि और उनका जीवन पूरी तरह वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में अच्छी बारिश किसानों और आमजन के लिए बेहद आवश्यक है। इसी मान्यता और आस्था के साथ ग्रामीण एकजुट होकर प्राचीन मंदिर पहुंचे और सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना की। आरती के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा।
सकरावदा में अच्छी वर्षा के लिए मनाई उज्जैनी
ग्रामीण क्षेत्र में भरपूर वर्षा की प्रार्थना और इंद्र को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को ग्राम पंचायत सकरावदा, महुड़ीपाड़ा और मकनपुरा में सामूहिक रूप से उज्जैनी पर्व का आयोजन किया। इस दौरान गांव के सभी लोगों ने एकजुट होकर इंद्र की विशेष पूजा-अर्चना की। उज्जैनी मनाने के लिए ग्रामीणों ने अपने खेतों पर जाकर दाल बाटी चूरमा का इंद्र भोग लगाया।
सामूहिक प्रार्थना करने से इंद्र प्रसन्न होते
ग्रामीणों की ओर से व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बाजार को बंद रखने की अपील की गई थी, जिसके चलते सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर इस आयोजन में सहभागिता निभाई। स्थानीय निवासियों का मानना है कि उज्जैनी मनाने और सामूहिक प्रार्थना करने से इंद्र प्रसन्न होते हैं, जिससे क्षेत्र में अच्छी और भरपूर बारिश होती है। समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से यह आयोजन सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
Updated on:
11 Sep 2026, 10:01 PM IST
Published on:
11 Sep 2026, 9:49 PM IST
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