
प्राचार्य से बहस करते हुए अभाविप छात्र नेता।
रतलाम. शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गेट पर बड़ी संख्या में अभाविप की छात्राएं पहुंची और हल्ला बोल दिया। गेट को बंद करके बाहर बैठे विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन, विक्रम विवि मुर्दाबाद और प्राचार्य होश में आओ जैसे नारे लगाए। अभाविप के नगर मंत्री चेतन गुर्जर के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं और छात्राओं कहा कि पढऩे वाले विद्यार्थियों को एटीकेटी दे दी गई और कॉलेज प्रबंधन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा न समस्या का निराकरण करवा पा रहा है। विद्यार्थी जब उनसे जानकारी लेने जाते हैं तो सही तरीके से जवाब भी नहीं दिया जाता है। सात दिन में समस्याओं का निराकरण नहीं होता है तो बड़ा आंदोलन करेंगे।
आपसे नहीं संभल रहा कॉलेज
अभाविप के छात्र नेताओं के आंदोलन के दौरान प्राचार्य डॉ. मंगलेश्वरी जोशी, डॉ. सुरेश चौहान भी उनसे चर्चा करने पहुंचे। इस दौरान छात्र नेताओं, छात्राओं और प्राचार्य के बीच जमकर बहस हुई। छात्र नेताओं ने प्राचार्य को यहां तक कह दिया कि आपसे कॉलेज नहीं संभल रहा है। 12वीं में उच्च अंक पाने वालों को शून्य अंक मिल रहे हैं। यह कैसी पढ़ाई और व्यवस्था है। आपका कोई प्राध्यापक विवि क्यों नहीं भेजा जाता, छात्राओं को जाना पड़ता है। वे कॉलेज में फीस देती है तो यह जिम्मेदारी कॉलेज की है कि वह समस्या का निदान करे। छात्रों नेता उत्तरपुस्तिकाओं की फिर से जांच की मांग पर अड़े रहे। इस पर सोमवार को प्राध्यापकों को उज्जैन विक्रम विवि भेजने का आश्वासन मिलने पर अभाविप ने आंदोलन समाप्त किया।
यह है मामला
कन्या महाविद्यालय की एम कॉम और एमए द्वितीय सेमेस्टर की कई छात्राओं को अपने विषयों में एटीकेटी आई है। उन्हें पास नहीं किया गया जबकि उनका कहना है कि उन्होंने प्रश्नपत्र में सारे प्रश्न हल किए थे। उन्होंने आत्मविश्वास से बताया कि उन्होंने जो उत्तर लिखे हैं उससे उन्हें अच्छे अंक मिलना चाहिए किंतु इन विषयों में उन्हें एटीकेटी दे दी गई जो गलत है।
ये हैं इनकी मांगे
- एटीकेटी और रिजल्ट की पुन: जांच की जाए। एम कॉम द्वितीय और एमए द्वितीय सेमेस्टर की उत्तरपुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच और उत्तरपुस्तिका की प्रति उपलब्ध कराएं।
- कॉलेज का न्यू रोड स्थित प्रवेश द्वार लंबे समय से बंद है। इससे छात्राओं को लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता है। इसे तत्काल खोला जाए।
- सेनेटरी पैड मशीन चालू हो की जाए जो लंबे समय से बंद पड़ी है।
- परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी लगाए जाएं।
- परिसर में नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए। नगर निगम से नाला साफ करवाएं।
- कॉलेज में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
Updated on:
11 Sept 2026 09:24 pm
Published on:
11 Sept 2026 09:16 pm
