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रतलाम फोरलेन किनारे सोयाबीन में फल नहीं

पहले तो कम बारिश के कारण चिंता अब एक ही खेत में दिख रहा फसल का दोहरा रंग, लाइट की पहुंच वाले हिस्से में फलियां गायब, किसानों ने की कृषि विभाग को शिकायत, सौंपा ज्ञापन
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Soybean crop news Monsoon alert ratlam

पहले तो कम बारिश के कारण चिंता अब एक ही खेत में दिख रहा फसल का दोहरा रंग, लाइट की पहुंच वाले हिस्से में फलियां गायब, किसानों ने की कृषि विभाग को शिकायत, सौंपा ज्ञापन

रतलाम। मानसूनी बारिश की लंबी खेंच के बीच सोयाबीन उत्पादक किसानों को दूसरी परेशानी सताने लगी हैं। अब जिन भी किसानों के फोरलेन किनारे खेत हैं, वहां अफलन की समस्या बढ़ गई हैं। किसानों का दावा है कि सडक़ से 40-40 फीट तक फसल दो रंग की होकर फल नहीं हैं।

करमदी क्षेत्र से गुजरने वाले फोरलेन के दोनों ओर कई खेतों में सोयाबीन के पौधों में फलियां नहीं बन रही हैं। किसानों का दावा है कि जहां तक फोरलेन की रातभर जलने वाली लाइटों की रोशनी पहुंच रही है, वहां फसल की स्थिति अलग दिखाई दे रही है। वहीं, रोशनी की पहुंच से बाहर पौधों में फलियां बन रही हैं।

आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई
स्थिति यह है कि एक ही खेत में फसल के रंग और पौधों की स्थिति में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। किसानों के अनुसार फोरलेन से करीब 40-40 फीट तक के हिस्से में सोयाबीन में फलियां नहीं बन रही हैं। इसके बाद कुछ-कुछ लग रही हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, फसल में अफलन का वास्तविक कारण क्या है और फोरलेन की रोशनी का इसमें कितना प्रभाव है, यह कृषि विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। किसानों को अब विभागीय जांच और राहत का इंतजार है।

किसानों ने कृषि विभाग से की जांच की मांग
करमदी के किसान ईश्वरलाल पाटीदार, ओमप्रकाश पाटीदार, गोपाल पाटीदार, हीरालाल पाटीदार और विनोद पाटीदार ने मामले की शिकायत कृषि विभाग से की है। किसानों ने उपसंचालक कृषि को लिखित पत्र देकर प्रभावित फसलों का सर्वे कराने और नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

इनका कहना है…
पौधों को भी दिन-रात का समय मिलना चाहिए, अगर वह नहीं मिलने पर ऐसी स्थिति बनती हैं। सोयाबीन की फसल पर लाइट होने से अफलन की शिकायत होती हैं। पेड़ की छांव और खुले सोयाबीन में भी फर्क होता हैं। पीला मौजेक आदि बीमारियों को पहचान कर कृषि विभाग या केवीके विशेषज्ञों से चर्चा कर ही किसान उपचार करें। पानी की समस्या हैं।
डॉ. ज्ञानेंद्रप्रताप तिवारी, केवीके, कालूखेड़ा।

शिकायत फोरलेन किनारे फसल प्रभावित, मौके पर पहुंचे कर्मचारी
फोरलेन किनारे करीब 40-40 फीट तक सोयाबीन-मक्का अफलन की शिकायत के बाद कृषि विभाग से कर्मचारी मौके पर पहुंचे। गुरुवार को फसल अफलन, मंडी में अनावश्यक अवकाश से किसान परेशान के अलावा भगवान बलराम की प्रतिमा विधानसभा भवन के सामने स्थापित करने सहित 19 सूत्रीय मांग का ज्ञापन कलेक्टोरेट पहुंचकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ मोर्चा के पदाधिकारियों ने सौंपा। मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा को सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग की।

कलेक्टोरेट में किसानों से संबंधी 19 सूत्रीय समस्याओं का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा
ज्ञापन में प्रमुख रूप से विधानसभा में बलराम की प्रतिमा स्थापित की जाए। दूसरी, वर्ष 1956-57 के भूमि रेकॉर्ड देखकर त्रुटिवश हटाए गए किसानों के नाम वापस जोड़े जाएं। इन किसानों को भूमि का मालिकाना हक दिलवाकर भूमि स्वामी घोषित किया जाए। किसी भी शासकीय या अर्थ-शासकीय उपक्रम के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा बाजार भाव से चार गुना दिया जाए। किसानों का कहना है कि इसकी घोषणा हो चुकी है, लेकिन हितग्राही किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। मोर्चा ने नियम को शीघ्र एवं शक्तिपूर्वक लागू करने की मांग की। ज्ञापन के समय जिलाध्यक्ष राधेश्याम उपाध्याय, संरक्षक समरथ पाटीदार, संयोजक अरविंद पाटीदार, शंकरलाल मालवीय, अंतिम डामर आदि किसान मौजूद थे।