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रतलाम. स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की शुभ विहार कॉलोनी में एक बंद मकान में बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात बदमाशों ने ताला तोडक़र घर से सोने का मंगलसूत्र, 7 जोड़ी पायल और 80 हजार रुपए नकद सहित लाखों रुपये की ज्वेलरी पार कर दी।
फरियादी नूतन पाठक पति रवींद्र कुमार पाठक (58) निवासी शुभ विहार कॉलोनी ने पुलिस को बताया कि उनके पति पिछले 20-25 दिन से बीमार हैं। 10 अगस्त को हॉस्पिटल रतलाम में भर्ती कराया था। तबीयत में सुधार न होने पर 22 अगस्त को इंदौर रैफर किया तब से अपने पति के साथ इंदौर में ही थीं और रतलाम में घर पर ताला लगा हुआ था। 8 सितंबर को जब वह इंदौर से लौटने वाली थीं। उन्होंने अपनी काम वाली बाई को घर की सफाई के लिए भेजा। वह पहुंची तो मेन गेट का ताला टूटा हुआ मिला। उसने यह जानकारी दी तो फरियादी अपने दामाद के साथ घर पहुंची। पूरे घर का सामान बिखरा पड़ा था। स्टोर रूम का ताला और अंदर रखी अलमारियों के ताले भी टूटे हुए थे।
चोर ले गए ये सामान
- सोने का मंगलसूत्र, कानों के टॉप्स, लटकन, बाली
- चांदी की पायल 7 जोड़ी
- चांदी की गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्तियां, बिछिया, डोरा, डिब्बियां
- चांदी के 40 सिक्के
- आर्टिफिशियल ज्वैलरी और पूजा में रखे 100, 50, 20, 10 के नोटों की गड्डी से 80,000 रुपए नकद
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मकान के पट्टे से नहीं हो सका दावा साबित, सप्तम जिला न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने वादी की अपील निरस्त कर अधीनस्थ न्यायालय 12 नवंबर 2025 को पारित निर्णय एवं डिक्री की पुष्टि करते हुए उसे बरकरार रखा।
शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया अपीलार्थी सोहनसिंह ने ग्राम सेजावता तहसील व जिला रतलाम में स्थित मकान के संबंध में स्वत्व की घोषणा, तोडफ़ोड़ नहीं करने तथा स्थायी निषेधाज्ञा की राहत मांगने के लिए न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया था। अधीनस्थ न्यायालय ने साक्ष्य के परीक्षण के बाद निरस्त कर दिया था। इसके विरुद्ध वादी सोहनसिंह इस न्यायालय में अपील प्रस्तुत की थी। न्यायालय ने अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए पाया कि कथित पट्टा एवं निर्माण अनुमति की विश्वसनीयता सिद्ध नहीं हुई, क्योंकि पट्टा एवं निर्माण अनुमति से संबंधित रिकॉर्ड पंचायत में उपलब्ध नहीं था। न्यायालय ने भूमि पर अतिक्रमण होना माना। साथ ही न्यायालय ने संबंधित दस्तावेजों, कथित पट्टा, निर्माण अनुमति एवं सूचना पत्र की प्रतियां कलेक्टर, रतलाम को भेजकर उनकी सत्यता के संबंध में विधि अनुसार जांच करने तथा दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
Updated on:
10 Sep 2026, 8:39 PM IST
Published on:
10 Sep 2026, 8:38 PM IST
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