मेक इन इंडिया प्रोडक्ट की मांग बढ़ी, नए तरीके की पिचकारी व रंग से बाजार सजना शुरू, त्वचा को बचाने वाले हर्बल रंग भी आए।
रतलाम। अगर इस होली पर आपका मन दीपावली मनाने का करें तो बाजार इसके लिए सजना शुरू हो गया है। होली पर दीपावली पढ़कर जरूरी आप चौक सकते है, लेकिन यह सत्य है। इस बार बाजार में कलर फोग एग नाम से एक स्वदेशी बम आया है जो आकाश में जाएगा व फूटेगा। इसके फूटते ही आकाश होली के सप्तरंग से गुलजार हो जाएगा। बाजार ने स्वदेशी भावना अपनाते हुए चीनी उत्पाद को ना कर दिया है। मेक इन इंडिया की सोच ने स्वदेश की भावना को बढ़ा दिया है। इसके अलावा विभिन्न तरह के रंग व पिचकारी सजना शुरू हो गई है। जैसे की त्वचा को रंग के नुकसान से बचाने के लिए हबर्ल गुलाल व रंग।
आगामी 9 मार्च को हालिका उत्सव परंपरागत धार्मिक तरीके से मनाया जाएगा। इसके लिए बाजार भी तैयार हो गया है। बाजार में जहां शरबत, शिकंजी आदि नई वेरायटी में आ गई है तो होली के अगले दिन प्रमुख रुप से बच्चों से लेकर बड़ों का विशेष पर्व धुलेंडी के लिए भी कई तरह के रंग व पिचकारी आ गई है। बाजार में 5 रुपए से लेकर 50 रुपए तक की पिचकारी है। इसमे पंप, टैंक आदि है। इसके अलावा विभिन्न तरह के रंग में 5 रुपए से लेकर 40 रुपए तक की डिब्बी है।
झाडू वाली पिचकारी
इस बार बाजार में खास झाडू वाली पिचकारी भी पहली बार आई है। आमतोर पर जब गुब्बारे रंग से भरकर एक दूसरे पर फेंके जाते है तो एक एक को पानी रंग से भरने में समय लगता है। झाडू वाली पिचकारी में एक बार ही नल से पानी भरने के दौरान एक साथ सभी गुब्बारे भर जाएंगे। इसके अलावा गुलाल आदि तो है ही।
उत्पादों की कीमत पर एक नजर
उत्पाद - कीमत
पिचकारी - 5 रुपए से लेकर 500 रुपए तक।
मुखौटे - 10 रुपए से लेकर 100 रुपए तक।
गन टैंक - 80 रुपए से लेकर 500 रुपए तक।
गुलाल - 20 से लेकर 80 रुपए तक प्रतिकिलो।
हर्बल रंग - 180 रुपए की चार डिब्बी।
झाडू पिचकारी - 120 रुपए।
कलर फोग एग बम - 250 रुपए के दो नग।