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4 माह से नहीं मानदेय, 44 डिग्री में आशा का प्रदर्शन

, छह सूत्रिय मांगों के लिए शीघ्र समाधान करने की लगाई गुहार, सैलाना, बाजना, रावटी, पिपलौदा, ताल, आलोट, जावरा, बिलपांक आदि स्थानों से 800 से अधिक आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजर बड़ी संख्या में मौजूद थी रतलाम
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 15 May 2026, 10:18 PM IST

ASHA workers news ratlam 44-degree temperature

आशा कार्यकर्ताओं कलेक्टोरेट तक पैदल रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए तहसीलदार को बताई व्यथा, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

रतलाम। स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को चार माह से मानदेय नहीं मिलने पर सडक़ पर उतरना पड़ा, ग्रामीण क्षेत्रों से चलकर सैकड़ों की संख्या में शहर के कलेक्टोरेट पहुंची। 44 डिग्री तापमान में पैदल रैली निकालकर अपनी छह सूत्रिय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलना पड़ रही हैं, क्योंकि उनको और सुपरवाइजरों का चार माह का मानदेय नहीं मिला हैं।

भुगतान की मांग को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ता शुक्रवार 44 डिग्री तापमान भरी दोपहरी में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंची, छह सूत्रिय मांगों के संबंध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टोरेट में तहसीलदार रामचंद्र पाण्डेय को ज्ञापन सौंपकर व्यथा सुनाई।

रीढ़ मानी जाने वाली आशा
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा और आशा सुपरवाइजरों को पिछले चार माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे उनके परिवारों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने जल्द मानदेय भुगतान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से बताई जिम्मेदारी
जिलाध्यक्ष रेखा जैन ने ज्ञापन का वाचन करते हुए बताया कि आशा और आशा सुपरवाइजर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य पूरी मेहनत, लगन और जिम्मेदारी से कर रही हैं। शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं जैसे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखरेख, प्रसव पूर्व व प्रसव पश्चात सेवाएं, बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, परिवार कल्याण एवं अन्य स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को घर-घर तक पहुंचाने में इनकी महत्ववपूर्ण भूमिका रहती है।

अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी निष्ठा किया
कोरोना काल सहित हर परिस्थितियों में इन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी निष्ठा से किया है। मानदेय समय पर नहीं मिलने के कारण कई कार्यकर्ताओं की स्थिति कमजोर है, जो इसी मानदेय पर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। ज्ञापन के समय जिला महामंत्री मनीषा चौहान सहित सैलाना, बाजना, रावटी, पिपलौदा, ताल, आलोट, जावरा, बिलपांक आदि स्थानों से 800 से अधिक आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजर बड़ी संख्या में मौजूद थी।

ये है प्रमुख मांगें

  • प्रोत्साहन राशि में 1 हजार रुपए की सीमा में वृद्धि की जाकर तत्काल लागू करें।
  • आशा एनडीडी का जो मानदेय लागू किया जाए।
  • गर्भवती शीघ्र पंजीयन का मानदेय 200 रुपए था, उसे लागू किया जाए।
  • निष्पी प्रोग्राम का मानदेय लागू किया जाए।
  • एनआरएचएमएस से भुगतान का मैसेज आता था, उसे चालू किया जाए।
  • आज दिनांक तक आयुष्मान कार्ड का भुगतान नहीं किया, उसे शीघ्र दिया जाए।