
इस माह में की गई आराधना अक्षय फल दाता होती है और परमात्मा प्रसन्न होते हैं। इस महिने मे निष्काम भाव से किए गए व्रत आदि का अक्षय फल प्राप्त होता हैं और व्रती के सम्पूर्ण अनिष्ट नष्ट हो जाते हैं।
रतलाम. बैंड बाजा, बारात, विवाह, गौना और तिलकोत्सव जैसे आयोजनों पर जल्द ही विराम लगने वाला है। 17 मई से शुरू हो रहे पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) में पहली बार किए जाने वाले सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।
पुन: 15 जून को इस मास की समाप्ति के बाद मांगलिक कार्यों के मुहूर्त प्रारंभ होंगे। पंचांग के अनुसार, अधिकमास के 30 दिनों में क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसे लेकर लोग भ्रमित हैं। इस महीने में निष्काम भाव से किए गए व्रत आदि का अक्षय फल प्राप्त होता है और व्रती के सभी अनिष्ट नष्ट हो जाते हैं।
ये करें अधिकमास में कार्य
पंडित उमाशंकर जोशी ने बताया कि अधिकमास के दौरान यज्ञोपवीत, मुंडन, विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर एक माह के लिए विराम रहेगा। इस अवधि में तपस्या, ध्यान, व्रत, उपवास और दान का अनंत फल प्राप्त होता है। अधिकमास के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु हैं। उन्होंने स्वयं कहा है कि इस माह में की गई आराधना अक्षय फलदायी होती है और परमात्मा प्रसन्न होते हैं।
अखंड ज्ञान आश्रम में कथा
सैलाना बस स्टैंड स्थित अखंड ज्ञान आश्रम में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ संगीतमय अमृत महोत्सव 19 से 25 मई तक मनाया जाएगा। स्वामी देवस्वरूपानंद के सान्निध्य में दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक पं. दशरथ शर्मा कथा का वाचन करेंगे। 26 मई को आश्रम ट्रस्ट और भक्त मंडल की ओर से भंडारे के आयोजन सुबह 11 से 2 बजे तक होगा।
सैलाना रोड़ वाटिका में कथा
कसेरा मांगलिक भवन में कथा
Updated on:
13 May 2026, 11:01 PM IST
Published on:
13 May 2026, 11:00 PM IST
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