
Holika Dahan on 9 and Rangotsav on 10 in bhilwara
रतलाम. भारतीय हिंदू पंचांग में तिथि को लेकर आए दिन ज्योतिषियों में मतभेद होता है। इस बार रंगपंचमी से लेकर शीतला सप्तमी व दशामाता पूजन को लेकर भी तारीख को लेकर मतभेद है। इसी को दूर करने के लिए बड़ी बैठक का आयोजन मध्यप्रदेश के रतलाम में हुई। इसमे तिथि को लेकर गणना की गई च इसके बाद पर्व को लेकर बड़ी घोषणा कर दी गई। इसके बाद अब साफ हो गया है कि रंगपंचमी, शीतला सप्तमी व दशामाता पर्व कब मनाया जाएगा।
अगर आप अलग-अलग पंचाग देखकर तिथियों को लेकर भ्रम में है तो इसको दूर कर लिजिए। शुक्रवार को तिथि के भ्रम को लेकर आयोजित बैठक में त्यौहार को लेकर निर्णय हो गया है। रानीजी के मंदिर पर हुई बैठक में यह भी आम राय बनी की होलाष्टक मध्यप्रदेश में लागू नहीं होता है, इसलिए शुभ कार्य किए जा सकते है। निर्णय अनुसार 14 मार्च को रंगपंचमी, 16 मार्च को शीतला सप्तमी व 19 मार्च को होगा दशामाता पूजन होगा।
मंदिर में बैठक का आयोजन
शहर के विभिन्न पंडितों व ज्योतिषियों की शुक्रवार को रानीजी के मंदिर में बैठक का आयोजन हुआ। इसमे आचार्य दुर्गाशंकर ओझा के नेतृत्व में निर्णय हुआ कि विभिन्न पंचांग में अलग-अलग पर्व की तिथि को लेकर हुए भ्रम को दूर किया जाए। बैठक के बाद संजय शिवश्ंाकर दुबे ने बताया कि कुछ पंचांग अनुसार 13 मार्च को रंगपंचमी, 15 मार्च को शीतला सप्तमी व 18 मार्च को होगा दशामाता पूजन कार्य बताया गया है, जबकि यही भ्रम को जन्म दे रहा है। इसी को दूर करने के लिए बैठक की गई थी।
रविवार है क्रुरवार
विगत लम्बे समय से हो रही तिथि त्योहारों पर तारीख को लेकर हो रही दोहरी स्तिथि को लेकर जन समुदाय में व्याप्त संशय के निवारणार्थ विद्वत जनों की बैठक में आगामी 14 मार्च को रंगपंचमी, शितलासप्तमी सोमवार 16 मार्च मनाई जाने पर सहमति हुई। चुकी साधक महिलाये छठ की रात्रि में पूजन करती हैं व शितलासप्तमी सप्तमी का विधान सामान्यत: सुबह 8 बजे समाप्त हो जाता हैं, साथ ही रविवार को क्रुरवार होने से इस दिन शितलासप्तमी होना निषिद्ध रहेंगा। इसलिए ही शितलासप्तमी सोमवार को ही मनाई जाएगी। इसी प्रकार दशामाता पूजन गुरुवार 19 मार्च को मनाई जाएगी।
होलाष्टक पर हुई चर्चा
इस बैठक में दिनांक 2 से 9 मार्च तक के होलाष्टक पर भी चर्चा की गई। जिसमें गोपाल चतुर्वेदी ने बताया कि होलाष्टक नियम मात्र राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश में मान्य हैं। मध्यप्रदेश क़े क्षेत्र में होलाष्टक नियम मान्य नहीं है। होलाष्टक क़े मध्य मांगलिक आयोजन मध्यप्रदेश में निर्विघ्नता से सम्पन्न किए जा सकते हैं। बैठक में विद्वतजन समिति क़े शैलेंद्र ओझा, बालकृष्ण परसाई, संजय शिवशंकर दवे आदि उपस्थित रहे।
Updated on:
29 Feb 2020 10:32 am
Published on:
29 Feb 2020 10:32 am
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