रतलाम. किसान जिन बैलों से कृषि कार्य करता था, उनकी घर के सामने से चोरी हो गई। काफी तलाशने के बाद भी नहीं मिले तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। कार्रवाही न होने बिलपांक थाना अंतर्गत ग्राम कमलोड़ा के किसानों ने 15 अप्रेल को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर […]
रतलाम. किसान जिन बैलों से कृषि कार्य करता था, उनकी घर के सामने से चोरी हो गई। काफी तलाशने के बाद भी नहीं मिले तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। कार्रवाही न होने बिलपांक थाना अंतर्गत ग्राम कमलोड़ा के किसानों ने 15 अप्रेल को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बालक अक्षत जाट बैलों के फोटो भी अपने साथ लेकर आए थे।
यह विरोध ग्राम कमलोड़ा निवासी बाबूलाल जाट के सफेद रंग के एक जोड़ी बैलों की चोरी, 6 अप्रेल को बिलपांक थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी कोई कार्रवाही न होने तथा बैलों के न मिलने के कारण था। किसानों ने एसपी कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विवेक कुमार के समक्ष एसपी के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी आप बीती सुनाई।
किसान पुत्र ने बताई आप बीती
किसान पुत्र प्रदीप जाट ने एएसपी विवेक कुमार को बताया कि उनका परिवार बैलों से खेती कार्य कर भरण-पोषण करता है। उन्होंने बिलपांक थाने में लिखित रिपोर्ट दी थी कि उनके घर के सामने बंधे दो बैल अज्ञात व्यक्ति छोड़ ले गए। सुबह घटना का पता चलने पर उन्होंने बैलों की हर जगह तलाश की। बैल न मिलने पर उन्होंने थाने में लिखित आवेदन देकर समस्या बताई थी। पुलिस ने उन्हें जानकारी मिलने पर सूचित करने और स्वयं भी खोजबीन जारी रखने को कहा था, लेकिन प्रदीप जाट के अनुसार, तब से अब तक बैल बरामद नहीं हुए हैं।
उचित कार्रवाही के लिए किया आश्वस्त
उपस्थित किसानों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले में शीघ्रता से कार्रवाही की जाए और उनके बैलों को ढूंढकर वापस प्रदान कराया जाए, ताकि वे अपने कृषि कार्य को सुचारु रूप से जारी रख सकें। इस अवसर पर बालक अक्षत जाट बैलों के फोटो भी अपने साथ लेकर आए थे। एएसपी विवेक कुमार ने किसानों की शिकायत सुनी और उन्हें उचित कार्रवाही के लिए आश्वस्त किया।
ज्ञापन के समय ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में मनोहर जाट, नटराज जाट, राहुल जाट, पूनमचंद जाट, दशरथ जाट, डीपी धाकड़, राजेश पुरोहित, समरथ पाटीदार सहित बड़ी संख्या में ग्राम कलमोड़ा के अन्य किसान मौजूद थे। यह ज्ञापन किसानों के समूह द्वारा पुलिस प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें किसान पुत्र प्रदीप जाट ने मुख्य रूप से अपनी बात रखी।