
रतलाम। रेलवे काउंटर से आरक्षित टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को अब सफर के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से आर्थिक सुरक्षा पाने का विकल्प मिलेगा। भारतीय रेल 27 अक्टूबर से वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना का विस्तार कर रही है। इसके तहत आरक्षण कार्यालयों से टिकट लेने वाले पात्र यात्री भी महज 45 पैसे प्रति यात्री के प्रीमियम पर 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर चुन सकेंगे। अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से आईआरसीटीसी के माध्यम से ई-टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध थी। इस बदलाव से काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों को भी यात्रा के दौरान संभावित दुर्घटना के जोखिम के विरुद्ध बीमा सुरक्षा लेने का अवसर मिलेगा।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, यह बीमा पूरी तरह वैकल्पिक होगा। यानी यात्रियों पर इसे लेना अनिवार्य नहीं है। जो यात्री बीमा लेना चाहेंगे, उन्हें टिकट बुकिंग के समय इसका विकल्प चुनना होगा। इसके लिए मोबाइल नंबर देना और टिकट किराये के साथ बीमा प्रीमियम का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना अनिवार्य रहेगा। प्रीमियम सभी करों सहित प्रति यात्री 45 पैसे निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत रेल दुर्घटना या अन्य अधिसूचित अप्रिय घटना में बीमित यात्री की मृत्यु अथवा स्थायी पूर्ण दिव्यांगता होने पर 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा। स्थायी आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 7.50 लाख रुपए तक की राशि निर्धारित है। दुर्घटना में चोट लगने पर अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने के खर्च के लिए दो लाख रुपए तक का कवर दिया जाएगा। इसके अलावा, निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए 10 हजार रुपए तक का लाभ भी मिल सकेगा। हालांकि, बीमा राशि का भुगतान पॉलिसी की शर्तों और संबंधित घटना की पात्रता के आधार पर होगा।
यह योजना केवल भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी। टिकट बुकिंग के समय कन्फर्म, आरएसी अथवा आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट वाले पात्र यात्री बीमा का विकल्प चुन सकेंगे। एक ही पीएनआर पर बुक किए गए सभी पात्र यात्रियों पर बीमा लागू होगा। पांच वर्ष से कम आयु के वे बच्चे, जिनकी बुकिंग बिना बर्थ या सीट के की गई है, योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे। वहीं, पांच से 11 वर्ष की आयु के बच्चे बर्थ के साथ या बिना बर्थ के भी पात्र होंगे। यात्रियों को टिकट बुक कराने से पहले अपनी पात्रता और बीमा संबंधी शर्तों की जानकारी लेनी होगी।
योजना लागू करने के लिए आरक्षण फॉर्म में आवश्यक संशोधन किया गया है। संशोधित फॉर्म पश्चिम रेलवे के सभी आरक्षण कार्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा। काउंटरों पर उद्घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों को बीमा विकल्प, मोबाइल नंबर देने और डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता की जानकारी दी जाएगी। आरक्षण कर्मचारी भी इच्छुक यात्रियों को प्रक्रिया समझाएंगे।
टिकट बुक होने के बाद बीमा पॉलिसी का विवरण यात्री के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। इसके बाद उपलब्ध कराए गए लिंक के माध्यम से संबंधित बीमा कंपनी की वेबसाइट पर नामांकन से जुड़ी आवश्यक जानकारी भरनी होगी। पॉलिसी जारी करने और बीमा दावों का निपटारा करने की जिम्मेदारी संबंधित बीमा कंपनी की होगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे आरक्षण कार्यालय से टिकट लेते समय बीमा का लाभ लेने के इच्छुक होने पर संशोधित फॉर्म में विकल्प स्पष्ट रूप से दर्ज करें। साथ ही, मोबाइल नंबर और डिजिटल भुगतान संबंधी शर्तें पूरी करें, ताकि निर्धारित नियमों के अनुसार बीमा सुविधा का लाभ मिल सके।