
रतलाम। स्वामित्व योजना में रजिस्ट्रियों की धीमी रफ्तार अब प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बन गई है। जिले की तीन तहसीलों में लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम प्रगति सामने आने पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तहसीलदारों को चेतावनी पत्र जारी किए हैं।
इनमें पिपलौदा की तहसीलदार पिंकी साठे, ताल के तहसीलदार निर्भय सिंह गुर्जर और रतलाम ग्रामीण के तहसीलदार मनीष जैन शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्य पूरा नहीं करने पर कार्रवाई, जबकि बेहतर काम करने वाले पटवारी और अधिकारी 26 जनवरी को सम्मानित भी किया जाएगा।
इतने प्रतिशत ही पहुंचा लक्ष्य
समीक्षा में सामने आया कि ताल तहसील में अब तक केवल 17 प्रतिशत यानी 2,574 स्वामित्व रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं। रतलाम ग्रामीण में 17 प्रतिशत यानी 4,255 और पिपलौदा में महज 16 प्रतिशत यानी 3,689 रजिस्ट्रियां ही पूर्ण हो सकी हैं। इन आंकड़ों ने योजना के क्रियान्वयन की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रजिस्ट्रियों का काम शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान स्वामित्व रजिस्ट्री वितरण कार्यक्रम जल्द आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को वितरण कार्यक्रम से पहले जिले में रजिस्ट्रियों का काम शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
26 जनवरी को मिलेगा उत्कृष्ट कार्य का पुरस्कार
वीसी में कलेक्टर ने योजना की प्रगति बढ़ाने के साथ बेहतर काम करने वाले पटवारियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों एवं अधिकारियों को 26 जनवरी को सम्मानित कर पुरस्कार दिए जाएंगे।
इन कामों की भी कि समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, आगामी त्योहारों की तैयारियों, नशा विरोधी अभियान, नारकोटिक्स नियंत्रण और खाद-बीज के भंडारण एवं वितरण की भी समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग को जिले में नशा मुक्ति के लिए काम कर रही संस्थाओं की जानकारी जुटाकर राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। वीसी में डीआईजी निमिष अग्रवाल, कलेक्टर अजय कटेसरिया, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
तीन तहसीलों में रजिस्ट्री की स्थिति
तहसील पूर्ण रजिस्ट्रियां प्रगति
ताल 2,574 17 प्रतिशत
रतलाम ग्रामीण 4,255 17 प्रतिशत
पिपलौदा 3,689 16 प्रतिशत