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रतलाम में लंबित बीज लाइसेंस के बाद उसी स्थान का दोबारा जारी करने का मामला उठा, होगी जांच

गेहूं को छोडकऱ शेष कृषि फसलों के ऋणमान में 10 प्रतिशत तथा उद्यानिकी फसलों में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 4 Nov 2026, 9:53 PM IST

Agriculture Department news ratlam

गेहूं को छोडकऱ शेष कृषि फसलों के ऋणमान में 10 प्रतिशत तथा उद्यानिकी फसलों में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए

रतलाम। खेती की लगातार बढ़ती लागत के बीच किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने फसलों का ऋणमान बढ़ाने की तैयारी की है। वहीं नकली खाद-बीज बेचने वालों के लाइसेंस निरस्त होंगे। बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने एक बीज दुकान का लाइसेंस लंबित होने के बाद उसी स्थान पर दोबारा लाइसेंस जारी करने का मामला उठाया।

कलेक्टर अजय कटेसरिया ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए। सहकारी केंद्रीय बैंक की तकनीकी समूह की बैठक में गेहूं को छोडकऱ शेष कृषि फसलों के ऋणमान में 10 प्रतिशत तथा उद्यानिकी फसलों में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।

वास्तविक खर्च को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार
बैठक में अमरूद, संतरा, गराडू, अंगूर, गुलाब और लहसुन के ऋणमान में 20 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित करने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि खाद, डीएपी, पोटाश, फास्फेट, डीजल और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फसल उत्पादन पर होने वाले वास्तविक खर्च को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

उसी स्थान पर दोबारा लाइसेंस की होगी जांच, कार्रवाई
बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने एक बीज दुकान का लाइसेंस लंबित होने के बाद उसी स्थान पर दोबारा लाइसेंस जारी करने का मामला उठाया। कलेक्टर ने डीआरसीएस एनएस भाटी को ऐसी दुकानों की सूची तैयार कर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। गणेश बीज भंडार की जांच कर रिपोर्ट संबंधित किसान को उपलब्ध कराने को भी कहा। नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वालों के लाइसेंस निरस्त करवाने के निर्देश दिए।

अब साल में एक बार बनेगा किसान क्रेडिट कार्ड
सहकारी केंद्रीय बैंक में अब किसानों को वर्ष में एक बार ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पहले साल में दो बार यह प्रक्रिया करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से किसानों को बार-बार बैंक नहीं जाना पड़ेगा और समय की बचत होगी।