
रतलाम। मुंबई-दिल्ली रेलमार्ग पर सोमवार शाम करीब 7.20 बजे तेज रफ्तार मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतरते ही रेल यातायात थम गया। रतलाम रेल मंडल के गोधरा-दाहोद रेलखंड पर मंगलमऊड़ी और जैकोट स्टेशन के बीच हुए हादसे में 58 डिब्बों वाली मालगाड़ी का इंजन से तीसरे नंबर का वैगन बेपटरी हो गया। करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही मालगाड़ी के डिब्बे की पिछली ट्रॉली के चारों पहिए पटरी से उतर गए। वैगन के अगले हिस्से का कपलर भी ट्रैक पर गिर गया। हादसे के बाद मुंबई से दिल्ली के बीच रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। एक माह के भीतर रतलाम रेल मंडल में यह चौथा रेल हादसा है।
मालगाड़ी मुंबई-दिल्ली रेल लाइन से गुजर रही थी। मंगलमऊड़ी और जैकोट स्टेशन के बीच किलोमीटर नंबर 526/04 पर अचानक इंजन से तीसरे नंबर का डिब्बा शाम 7.20 बजे पटरी से उतर गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में वैगन की पिछली ट्रॉली के चारों पहिए ट्रैक से बाहर हो गए। डिब्बे के अगले हिस्से में लगा कपलर भी नीचे गिर गया। इससे रेल लाइन पर आवागमन का रास्ता बाधित हो गया।
हादसे के करीब तीन मिनट बाद शाम 7.30 बजे रेलवे नियंत्रण कक्ष को घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही रेल मंडल के अधिकारियों और संबंधित विभागों में हलचल शुरू हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित रेलखंड पर ब्लॉक लिया गया, ताकि राहत और मरम्मत का काम शुरू किया जा सके।
हादसे के समय मालगाड़ी का संचालन रतलाम के चालक मनीष मीना कर रहे थे। उनके साथ गार्ड के रूप में रतलाम लॉबी के पुष्कर राठौर तैनात थे। मालगाड़ी का इंजन नंबर एसइआर 24071710170 बताया गया है। रेलवे की प्रारंभिक जांच में इसी इंजन से तीसरे नंबर के वैगन के बेपटरी होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, घटना के पीछे तकनीकी खराबी, ट्रैक की स्थिति या अन्य कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही रतलाम रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए। प्रभावित रेलखंड पर यातायात बहाल करने के लिए रतलाम और दाहोद से राहत संसाधन भेजे गए। रेलवे की टीम ने बेपटरी हुए वैगन को दोबारा पटरी पर चढ़ाने और क्षतिग्रस्त रेलखंड को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू की। अधिकारियों का पूरा ध्यान पहले ट्रैक को खाली कराने और रेल परिचालन सामान्य करने पर रहा।
मालगाड़ी के डिब्बे के बेपटरी होने और कपलर ट्रैक पर गिरने से मुंबई-नई दिल्ली रेलमार्ग पर यातायात ठप हो गया। इस रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। रेलवे को प्रभावित हिस्से पर ब्लॉक लेकर राहत एवं बहाली का काम करना पड़ा। ट्रेनों के परिचालन पर असर के चलते यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रतलाम रेल मंडल में लगातार सामने आ रही रेल दुर्घटनाओं के बीच यह एक माह में चौथा हादसा है। इससे रेल सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस घटना में मालगाड़ी का डिब्बा किस वजह से पटरी से उतरा, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।डीआरएम अश्वनी कुमार के अनुसार दुर्घटना की परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित ट्रैक को दुरुस्त कर यातायात बहाल करने की है। इसके बाद हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।