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रतलाम में दुष्कर्म केस से बचाने रचा फर्जी दस्तावेजों का खेल, पिता समेत चार पर केस

न्यायालय की जांच में जन्म प्रमाण पत्र निकला जाली, गवाहों के हस्ताक्षर भी मिले, आदेश के बाद पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण, न्यायालय के निर्देश पर जन्म प्रमाण पत्र की जांच कराई गई।
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रतलाम

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Gourishankar singh Jodha

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Updated: 1 Nov 2026, 10:09 PM IST

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Rajasthan : फाइल फोटो पत्रिका।

रतलाम। जिले के जावरा में बेटे को दुष्कर्म के मामले में बचाने के लिए कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करवाना पिता सहित चार लोगों को भारी पड़ गया।

न्यायालय में दस्तावेज की जांच के दौरान प्रमाण पत्र जाली पाए जाने पर चारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद जावरा शहर पुलिस ने कार्रवाई की है।

कथित रूप से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया
शहर थाना प्रभारी मनोज कटारिया ने बताया कि सोमेश माली को वर्ष 2020 में दुष्कर्म के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की सुनवाई न्यायालय में विचाराधीन है। इसी दौरान आरोपी को बचाने के उद्देश्य से उसके पिता शंकरलाल माली द्वारा कथित रूप से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया, ताकि उसकी उम्र से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकें।

जांच में प्रमाण पत्र जाली पाया
इस प्रमाण पत्र पर भेरूलाल माली और बद्रीलाल माली ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे। दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद उसकी वैधता पर सवाल उठे। न्यायालय के निर्देश पर जन्म प्रमाण पत्र की जांच कराई गई। जांच में प्रमाण पत्र जाली पाया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने संबंधित चारों व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने सोमेश माली, उसके पिता शंकरलाल माली तथा दोनों गवाह भेरूलाल माली और बद्रीलाल माली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

न्यायालय की जांच में खुला फर्जीवाड़ा
वर्ष 2020 में दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार हुआ था सोमेश माली।
बेटे को बचाने के लिए पिता पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप।
दो लोगों ने प्रमाण पत्र पर गवाह के रूप में किए थे हस्ताक्षर।
न्यायालय के निर्देश पर जांच में दस्तावेज जाली पाया गया।
न्यायालय के आदेश पर पिता, बेटे और दोनों गवाहों पर केस दर्ज।