MP News: दो पक्षों के बीच हुई चाकूबाजी में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। शादी समारोह में बिंदौली के दौरान हुई कहासुनी से शुरू हुआ था विवाद।
MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बारात में हुई एक कहासुनी इतनी बड़ी बन गई कि दो युवकों की जान चली गई। दरअसल, जीआरपी थाना क्षेत्र में ओल्ड रेलवे क्वार्टर के पास शंकर मंदिर के सामने रविवार देर रात मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई चाकूबाजी में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। विवाद में आनंद (36) और शाहाबाद उर्फ आशु (38) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीयूष (22) गंभीर रूप से घायल है। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस विवाद के कई वीडियो भी वायरल हुए है लेकिन उन्हें इस रिपोर्ट में नहीं जोड़ा गया है।
पुलिस के अनुसार मृतकों में रेलवे कॉलोनी निवासी आनंद पुत्र गोविंद सिंह रावत और पीएनटी कॉलोनी निवासी शाहाबाद उर्फ आशु पुत्र आफताब खान हैं। पीएनटी कॉलोनी निवासी पीयूष पुत्र कुंदन रावत घायल है। जानकारी के अनुसार, विवाद एक शादी समारोह में बिंदौली के दौरान हुई कहासुनी से शुरू हुआ था, जो देर रात चाकूबाजी में बदल गया। बताया जा रहा है कि विवाद बारात में नाचने या घोड़ी पर चढ़ने को लेकर हुआ था।
घायल पीयूष ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में पियूष ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई आनंद और मित्र शाहबाज के साथ था। इसी दौरान रोजर बिन्नी अपने साथियों मुन्ना खंडकर व रोहित खंडकर के साथ आया और हमला कर दिया। रोहित ने आनंद व शाहबाज को चाकू से गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो पाठकों और वियूअर्स को विचलित कर सकता है इसलिए वह रिपोर्ट में जोड़ा नहीं गया है।
इस दोहरे हत्याकांड की सूचना पर एसपी अमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। जीआरपी पुलिस ने आरोपित रोहित खंडकर, मुन्ना खंडकर व अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू की है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है कुछ आरोपी भी घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश विवाद का कारण मानी जा रही है। जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार की घटनास्थल पर गैर-मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं।