
रतलाम। रतलाम-जावरा रेलखंड पर गुरुवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बंजली रेलवे फाटक पर एक कार और यात्री ट्रेन के बीच टक्कर हो गई। रात करीब 10:15 बजे हुई इस घटना में कार रेलवे ट्रैक और बंद फाटक के बीच फंस गई थी। इसी दौरान जावरा की और जा रही वलसाड-हिसार ट्रेन नंबर 04728 वहां पहुंच गई। ट्रेन की कार से टक्कर हो गई। हालांकि, लोको पायलट ने ट्रेन की गति धीमी कर रखी थी, जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया। कार क्षतिग्रस्त हुई है, जबकि चालक के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे का रेस्क्यू दल सक्रिय हो गया। रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल के लिए रवाना हुए। रेलवे ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है।
गुरुवार रात बंजली रेलवे फाटक नंबर 192 पर सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था। ट्रेन के गुजरने के लिए रेलवे फाटक बंद किया गया था। इसी दौरान एक कार फाटक के बीच रेलवे ट्रैक पर फंस गई। स्थिति उस समय गंभीर हो गई, जब जावरा की ओर से वलसाड-हिसार ट्रेन नंबर 04728 आती दिखाई दी। ट्रैक पर कार मौजूद होने के कारण टक्कर की आशंका बढ़ गई। ट्रेन के पहुंचने पर कार और ट्रेन के बीच टक्कर हो गई। घटना के बाद मौके पर हलचल मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रेन की गति पहले से कम थी। इसी वजह से टक्कर के बावजूद बड़ा हादसा होने से बच गया।
इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रेलवे फाटक बंद होने के दौरान कार ट्रैक और फाटक के बीच कैसे पहुंची या वहां क्यों फंस गई। क्या कार चालक फाटक बंद होने से पहले ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहा था, या वाहन किसी अन्य कारण से बीच में रुक गया था? फिलहाल, इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। रेलवे जांच में घटना के क्रम, फाटक की स्थिति और कार के ट्रैक पर फंसने की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
हादसे के दौरान राहत की बात यह रही कि ट्रेन की रफ्तार धीमी थी। इससे टक्कर का प्रभाव सीमित रहने की जानकारी सामने आई है। कार को नुकसान पहुंचा, लेकिन चालक सुरक्षित बताया गया है। घटना ने एक बार फिर रेलवे फाटक के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित किया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद रतलाम रेल मंडल के अधिकारी सक्रिय हो गए। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अश्वनी कुमार ने बताया कि उन्हें दुर्घटना की सूचना मिली है। उनके सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है।
वलसाड-हिसार ट्रेन के इंजन से कार टकराने की घटना के दौरान कार में सवार उपाध्याय परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद परिवार के सदस्य घबरा गए, लेकिन सभी के सुरक्षित होने से उन्होंने राहत की सांस ली। कार चालक प्रणय उपाध्याय ने पत्रिका को बताया कि वे रतलाम जिले के ताल से रतलाम आ रहे थे। कार में उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी सवार थे। ट्रेन के इंजन से कार की टक्कर के बाद सभी सुरक्षित रहे घटना के बाद प्रणय उपाध्याय ने अपने अन्य परिजनों को हादसे की जानकारी दी। हादसे से परिवार के सदस्य सहम गए, लेकिन किसी के चोटिल नहीं होने से उन्होंने राहत महसूस की।
वलसाड़-हिसार ट्रेन के इंजन नंबर 243221 की कार नंबर जीजे 15 सीके 0369 से उस समय टक्कर हो गई, जब कार रेलवे फाटक का एक बैरियर पार कर चुकी थी, लेकिन दूसरे बैरियर को पार करने से पहले ही रेलवे गेट बंद हो गया। इसके चलते कार दोनों ओर से बंद रेलवे फाटकों के बीच फंस गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रणव उपाध्याय और उनके साथ कार में सवार परिवार के सदस्य तुरंत बाहर निकल गए। उनकी आंखों के सामने ही तेज गति से आ रही वलसाड़-हिसार ट्रेन कार की ओर बढ़ती रही। हालांकि, रेलवे ट्रैक पर कार को देखकर ट्रेन के चालक ने आपातकालीन ब्रेक लगा दिए। इससे बड़ा हादसा टल गया।
यात्री ट्रेन की दुर्घटना की जानकारी डीआरएम अश्वनी कुमार ने पश्चिम रेलवे और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को दे दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम रेलवे के मुंबई हेडक्वाटर से पांच सदस्यों वाला दल दुर्घटना स्थल का निरीक्षण करने के लिए शुक्रवार दोपहर तब पहुंच रहा है। दुर्घटना में किसी यात्री के घायल नहीं होने की वजह से वलसाड-हिसार ट्रेन को अधिक समय तक रोककर नहीं रखा गया, रेलवे स्टेशन से नए इंजन को भेज दिया गया। जिस इंजन नंबर 243221 की कार नंबर जीजे 15 सीके 0369 से टक्कर हुई, उसको जांच के लिए अलग खड़ा कर दिया गया है।
जिस वलसाड-हिसार ट्रेन की कार से टक्कर हुई उसके चालक दल के सदस्य रतलाम मुख्यालय से ही इंजन को लेकर चले थे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इंजन चालक भगवान सिंह और सहायक चालक के साथ गार्ड मनोज शर्मा को रतलाम मुख्यालय रोका गया है। डीआरएम अश्वनी कुमार के अनुसार मामले की जांच के लिए प्रथम दृष्टया तीन से पांच अधिकारियों की कमेटी बनाई जा रही है। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट 7 दिन से 15 दिन के अंदर देगी। इसके बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अगर इस मामले में गेटमैन दोषी पाया जाता है तो उसको एसएफ-5 के नियम अनुसार नौकरी से बर्खास्त यानी रिमूव टू सर्विस किया जाएगा। अगर गेटमैन की कमी नहीं पाई गई तो भी एसएफ-11 के अनुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
वलसाड-हिसार ट्रेन के इंजन से कार टकराने की घटना के दौरान कार में सवार प्रणव उपाध्याय परिवार के सभी सदस्य भले सुरक्षित बच गए। लेकिन रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यानी आरपीएफ ने कार चालक प्रणव उपाध्याय पर मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया है। इंजन से टक्कर के बाद रेलवे प्रापर्टी को नुकसान का मुकदमा कायम करने की तैयारी आरएपीएफ कर रही है। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार जिस ट्रेन के इंजन से कार की टक्कर हुई है, उसको जब्त कर लिया है और मुकदमा कायम करने की तैयारी की जा रही है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार वलसाड़-हिसार ट्रेन की बंजली रेल फाटक पर हुई दुर्घटना की जांच के आदेश डीआरएम अश्वनी कुमार ने दे दिए है। इसके लिए सिग्नल विभाग, इंजीनियरिंग विभाग, इलेक्ट्रिकल विभाग सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को जांच का जिम्मा दिया है।