रतलाम

ये वो वीडिओ, जिसने रेलवे के निर्णय को बदल डाला, अब नहीं देगा रेलवे आपको ये सुविधा

ये वो वीडिओ, जिसने रेलवे के निर्णय को बदल डाला, अब नहीं देगा रेलवे आपको ये सुविधा
2 min read
Jun 18, 2018
railway escalator
railway escalator news

रतलाम। कुछ दिन पूर्व रेलवे स्टेशन पर लगे एस्केलेटर को लेकर एक फनी वीडिओ वायरल हुआ था। इसमें एक ग्रामीण महिला यात्री उल्टा उतरने का प्रयास कर रही था। जितना वह उतरती, उतना ही उपर चली जाती। बात रेलवे तक पहुंची, अब बड़ा निर्णय लेते हुए तय किया गया है कि जहां एक लाख यात्रियों का आना-जाना है, उसी स्टेशन पर इसका निर्माण किया जाएगा। इससे रतलाम मंडल सहित देशभर के छोटे रेलवे स्टेशन की भविष्य में एेस्केलेटर बनने की जुड़ी योजनाओं को झटका लगा है।

बता दे कि रेलवे ने निर्णय लिया है कि अब सिर्फ रेलवे स्टेशनों पर एेस्केलेटर लगाए जाएंगे जहां पर यात्रियों की आवाजाही एक लाख है। पूर्व में ये नियम 25 हजार यात्रियों का था। इस निर्णय से अब मंडल के अनेक स्टेशनों पर ये सुविधा नहीं मिल पाएगी। हालाकि मंडल के इंदौर, उज्जैन, रतलाम रेलवे स्टेशन पर ये सुविधा पहले से है। रेलवे अधिकारियो के अनुसार एक एस्केलेटर की लागत एक करोड़ रुपए आती है। पहले ये विचार आया था कि इसको अधिक संख्या में लगाने से इसकी लागत में कमी आएगी। लेकिन एेसा नहीं हुआ। मंडल के वाणिज्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार वीडिओ वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में देशभर से रेलवे के वरिष्ठतम अधिकारियों ने मामले की जानकारी मांगी थी।

तो इन स्टेशन पर भी लग जाते

असल में दिव्यांग, वृद्ध व महिला यात्रियों की सुविधा के लिए एेस्केलेटर लगाए जाते है। इसके अलावा वे यात्री जो स्टेशन पर अंतिम समय पर पहुंचते है, वे एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जल्दी पहुंच जाए इसलिए भी एेस्केलेटर लगाए गए। इसके लिए उन स्टेशनों को प्राथमिकता दी गई, जहां से रेलवे को 8 करोड़ रुपए से लेकर 60 करोड़ रुपए तक की सालाना आय होती हो। हाल ही में जब वीडिओ आया तो इसके बाद ये निर्णय लिया गया कि जरुरत छोटे शहरों के स्टेशन पर नहीं है। इसके बाद ही रेलवे ने ये निर्णय ले लिया कि अब एक लाख यात्री वाले सटेशन पर इसको लगाया जाएगा।

मंडल में यहां होता लाभ

असल में मंडल के कुछ स्टेशन एेसे भी है, जहां पर एफओबी तक एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए नहीं है। इसमे मंदसौर-नीमच सेक्शन के बीच का पिपलियामंडी स्टेशन प्रमुख है। इसके अलावा नीमच रेलवे स्टेशन पर बना एफओबी तो बनने के बाद से विवादों में इसकी ऊंचाई को लेकर है। एेसे में ये मांग हो रही थी कि इन स्टेशन पर यात्रियो को एेस्केलेटर की सुविधा दी जाए। लेकिन रेलवे के नए निर्णय के बाद अब मंडल के किसी स्टेशन पर ये अब सुविधा नहीं मिलेगी।

वरिष्ठ कार्यालय से है निर्देश

समीक्षा बैठक के बाद वरिष्ठ कार्यालय से ये निर्णय हुआ है कि अब नए एेस्केलेटर एक लाख से कम यात्री वाले स्टेशनों पर नहीं लगाए जाएंगे। पूर्व में ये नियम 25 हजार यात्रियों का था।


- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल

Published on:
18 Jun 2018 08:01 am