
रतलाम। बडे़ उमंग के साथ उसका विवाह हुआ था। जब वह ससुराल पहुंची थी तो उसने सभी की सेवा करने में कोई कसर न छोड़ी थी। लेकिन ससुराल से जब बदले में प्रेम व भरोसा न मिला तो उसने मायके में रहने का निर्णय लिया। मायके में भी वो बेहतर तरीके से रह रही थी, इसी बीच पति का एक पत्र आया, जो उसके लिए फांसी का फंदा बन गया। मामला रतलाम के बाजार क्षेत्र का है जहां एक कारोबारी की बेटी ने शुक्रवार दोपहर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
शहर के बाजार क्षेत्र के पुलिस थाने माणकचौक थाने के पुलिस अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि शहर के रामगढ़ क्षेत्र में एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इसके बाद उन्होने मामले की जांच की शुरुआत की है। थाना प्रभारी के अनुसार परिवार के सदस्यों ने बताया है कि एक दिन पूर्व तक उनकी बेटी बेहतर थी। वो सुबह से उस वक्त तनाव में आ गई जब पति का एक पत्र आया।
क्या लिखा है उस पत्र में
पुलिस के अनुसार रुपाली पति प्रकाश की उम्र सिर्फ 28 वर्ष की थी। करीब दो वर्ष पूर्व उसका विवाह हुआ था। पुलिस के अनुसार मृतिका का विवाह राजस्थान के प्रतापगढ़ में हुआ था। विवाह के कुछ दिन तक तो सब कुछ सही रहा, लेकिन कुछ ही दिनों में ससुराल वालों के सुर व ताल बदलने लगे। इसके बाद रुपाली मायके में आकर रहने लगी। इसी बीच परिजनों ने सुलह के प्रयास किए, लेकिन मामला जम न पाया। पुलिस ये पता करने का प्रयास कर रही है कि पति की तरफ से आए पत्र में एेसा क्या लिखा था जो युवती को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।
जो कारण वही न मिला घर में
पुलिस ने बताया कि परिजनों के अनुसार आत्महत्या पति के द्वारा भेजे गए पत्र की वजह से हुई है, लेकिन शुरुआती जांच में अब तक पत्र हाथ में न लगा है। इसके लिए परिजनों से सहयोग मांगा जा रहा है। परिजनों ने दोपहर में जब देखा कि युवती ने फांसी लगा ली है तो उसको नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले गए। वहां पर चिकित्सकों ने प्रारंभिक परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। बाद में चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम किया व शव को परिवार को दे दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।