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रतलाम में देव दीपावली पर तीन हत्याएं करने वालों को तिहरा आजीवन कारावास की सजा

करीब पांच साल पहले 25 नवंबर 2020 को देव दीपावली की रात राजीवनगर में हुई पति-पत्नी और बेटी के जघन्य और सनसनीखेज हत्याकांड का फैसला आ गया है। हत्याकांड के तीनों आरोपियों को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने तिहरे आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है।

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पत्रिका फोटो

रतलाम. करीब पांच साल पहले 25 नवंबर 2020 को देव दीपावली की रात राजीवनगर में हुई पति-पत्नी और बेटी के जघन्य और सनसनीखेज हत्याकांड का फैसला आ गया। हत्याकांड के तीनों आरोपियों को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने तिहरे आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया। हत्याकांड और साजिश का मुख्य आरोपी दिलीप देवल हत्याकांड के कुछ दिन बाद ही भागने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका था। पांच साल से ज्यादा समय तक न्यायालय में चले इस केस में पुलिस ने 111 भौतिक वस्तुएं, 210 दस्तावेज और 33 गवाहों के बयान हुए थे। वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्षों के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है।

पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि 25 नवंबर 2020 को छोटी दीपावली की रात राजीव नगर निवासी गोविंद सोलंकी (50), उनकी पत्नी शारदा (45) एवं पुत्री दिव्या (21) की अज्ञात आरोपियों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इसका पता अगले दिन सुबह 8 बजे मकान में नीचे किराए से रहने वाली किरायेदार नर्स ज्वेलिका को अपनी स्कूटी घर के सामने दिखाई नहीं दी। ज्वेलिका स्कूटी का पूछने जब घर के ऊपर मकान मालिक के कमरे में गई तो, वहां का नजारा देख कर वह घबरा गई, उसने तत्काल आसपास वाले को सूचना दी। औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। कमरे में गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा सोलंकी व पुत्री दिव्या सोलंकी जमीन पर पड़े हुए थे। तीनों के सिर में गोली लगी थी व खून निकला हुआ था।

कैमरे में दिखे थे आरोपी

प्रकरण की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी रेवलसिंहबरर्ड के नेतृत्व में टीम बनाकर करने पर घटना स्थल पर आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। आरोपी घटना करने के बाद फरियादियाज्वेलिका की सफेद स्कूटी लेकर भागते हुए कैमरों में देखे गए। घटना करने के पूर्व गुंजन प्रजापति के इंद्रा नगर स्थित नूरी गेस्ट हाउस में जाते हुए आरोपी सीसीटीवी कैमरों में देखे गए। इनकी पहचान गुंजन प्रजापति ने दिलीप देवल तथा अनुराग उर्फ बाबी के रूप में की थी। पुलिस ने अनुराग को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपने साथी दिलीप देवल, लाला भाबोर व गोलू उर्फ गौरव बिलवाल के साथ मिलकर हत्या करना बताया। गोलू व लाला भाबोर को भी गिरफ्तार किया और इनसे पूछताछ कर घटना में प्रयुक्त वाहन एवं पहने कपड़े जेवरात आदि जब्त किए।

फ्लैश बैक : मुठभेड़ में ढेर हुआ था दिलीप

तिहरे हत्याकांड के कुछ दिन बाद 3 दिसंबर 2020 की रात में पुलिस ने दिलीप देवल की गिरफ्तारी की तैयारी की। उसके महू-नीमच बायपास पर होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। वह भागकर खेतों में भागा। पुलिस पीछा कर रही थी, इसी दौरान उसने पुलिस दल पर देशी पिस्टल से फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दिलीप देवल की मौत हो गई। मुठभेड़ में सब इंस्पेक्टर अय्यूब खान (अब इंस्पेक्ट), अनुराग यादव सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दिलीप देवल से हथियार जब्त किया गया। उसके मिटटाउन स्थित किराए के घर की तलाशी लेने पर एक देशी पिस्टल, जिंदा राऊंड, जेवरात व अन्य सामग्री जब्त हुई। जांच पूरी कर सभी अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से यह फैसला सुनाया गया।

ये महत्वपूर्ण तथ्य रहे केस में

- परिस्थितिजन्य साक्ष्य, डीएनए रिपोर्ट, बैलेस्टिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज व आरोपियों की निशानदेही पर बरामद हथियार, खून लगे कपड़े, मृतकों के लूटे गए आभूषण।

- डीएनए जांच में आरोपियों से जब्त लोवर, पेंट, रुमाल व चप्पलों पर मृतक गोविन्द, शारदा व दिव्या का डीएनए मिला।

- फरियादी ज्वेलिका की स्कूटी जिसका घटना में उपयोग किया उसके हैंडल पर अभियुक्त लाला का डीएनए पाया गया।

- दिलीप देवल के घर से बरामद देशी पिस्तौल की बैलेस्टिक जांच में मृतकों के पास से मिले कारतूस के तीन खाली खोखे व मृतकों के शरीर से निकली गोलियां मैच हुई।

एक और हत्या की थी इन्होंने

जांच के दौरान आरोपी अनुराग ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दिलीप देवल ने हिम्मतसिंह देवल व सुमितसिंह चौहान के साथ मिलकर इस घटना से पहले 18 मई 2020 को कस्तूरबा नगर निवासी प्रेमकुंवर सिसोदिया की भी हत्या की थी। यह हत्या लूट करने के आशय से की थी। आरोपी दिलीप देवल दाहोद में हत्या के अपराध में जेल में बंद था। जमानत पर छूटने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर रतलाम में रह रहा था। दिलीप देवल रुपए व सोने चांदी के जेवरात लूटने के लिए हत्याएं करता था।

इसलिए चुनी थी देव दीपावली

जांच में सामने आया था कि देव दीपावली होने से पटाखों की आवाज में गोलियों की आवाज सुनाई नहीं दें। इस कारण देवल ने इस दिन को हत्या करने के लिए चुना।

तत्कालीन सीएम ने किया था ट्वीट

दिलीप देवल के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि ऐसे नरपिशाच को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं।

इन्हें हुई सजा

- अनुराग उर्फ बॉबी पिता प्रवीण सिंह परमार, (33) निवासी-सेक्टर बी, विनोबा नगर रतलाम

- गोलू उर्फ गौरव पिता राजेश बिलवाल (29) निवासी रेल्वे कॉलोनी रतलाम।

- लाला पिता मनु उर्फ भरत उर्फ भारताभाबोर (27) निवासी-अभलोड लिम्बू फल्या, थाना-जेसावाड़ा, जिला-दाहोद (गुजरात)।

- मृतक दिलीप पिता भावसिंह देवल, जाती पटेलिया, उम्र 35 वर्ष, निवासी डूंगरी फल्या ग्राम खरेड़ी थाना दाहोद ग्रामीण जिला दाहोद (गुजरात)