
Iran US Conflict: अमरीका के ताजा हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी सेना के मुताबिक, कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयरबेस और यूएई के अल मिनहाद एयरबेस पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया। कुवैत ने लगातार हो रहे ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन और सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया।
ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने अमरीका को ‘कई स्तरों पर और अलग तरीके से’ जवाब देने की चेतावनी दी। उन्होंने अमरीकी लोगों से पेट्रोल-ईंधन का भंडार बढ़ाने को कहा और अमरीकी अर्थव्यवस्था के लिए ‘अंधकारमय महीनों’ की चेतावनी दी। इस बीच, अमरीका ने ईरान के आर्थिक साझेदारों पर नए प्रतिबंधों के जरिये दबाव बढ़ाने की तैयारी की है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर कभी भी हमला करने की बात कही है।
शादी समारोह पर अमरीकी हमले में इस्तेमाल हथियार को लेकर ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि घटनास्थल से मिले मलबे के आधार पर ‘गाइडेड-ग्लाइड म्यूनिशन’ के इस्तेमाल की सबसे ज्यादा संभावना है। मलबा अमरीकी निर्मित एजीएम-154 जेएसओडब्ल्यू से मेल खाता है। हमले में पांच लोगों की मौत हुई।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि ईरान ने इजराइल पर हमला किया तो उसके ऊर्जा और नागरिक ढांचे को भी निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने ईरान के सैन्य और नागरिक ढांचे को तबाह करने की धमकी दी। इजरायल फरवरी में अमरीका के साथ ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हुआ था, लेकिन मौजूदा दौर की लड़ाई में अभी शामिल नहीं है। इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने धमकी देते हुए कहा, "अगर ईरान इजरायल पर हमला करता है, तो इससे ईरान पर हमला करने को लेकर इजरायल पर लगी सभी पाबंदियाँ खत्म हो जाएंगी। हम ईरान के सभी राष्ट्रीय, सैन्य और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल हैं, पर हमला करेंगे। ऐसा करते हुए हम ईरान को वापस पाषाण युग और अंधेरे में धकेल देंगे।
विशेषज्ञ सुल्तान बराकत के मुताबिक, ईरान अमरीकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है। उनका मानना है कि ट्रंप के खिलाफ नतीजे आने पर बातचीत की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि लंबे गतिरोध की सबसे बड़ी आर्थिक कीमत खाड़ी देशों को चुकानी पड़ रही है।