
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे पति-पत्नी के संबंधों की एक अहम परिभाषा गढ़ रही हैं।
कभी रेडियो जॉकी रह चुकीं प्यारी-सी अकी अक्सर अपने पति शिंजो आबे के साथ देखी जाती हैं। वे अपनी एक अलग पहचान और मजबूत व्यक्तित्व रखती हैं। राजनीतिक मुद्दो और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाली अकी सही को सही और गलत को गलत कहती हैं। वे पति की हर बात का समर्थन करने को अपना कर्तव्य नहीं मानतीं। जरूरत पडऩे पर वे शिंजो आबे की नीतियों का विरोध करने से भी नहीं चूकतीं। रोचक बात यह है कि लोग उन्हें इस रूप में बहुत पसंद भी करते हैं।
ऐसे शुरू हुई लव स्टोरी
22 साल की उम्र में अकी एक एडवरटाइजिंग फर्म में काम करती थीं। उनके बॉस ने उन्हें शिंजो आबे से शादी का प्रस्ताव दिया। तब शिंजो एक युवा राजनीतिक सहयोगी थे। पहली मुलाकात में ही उन्हें शिंजो बहुत अच्छे लगे। उनका बातूनी और मजाकिया स्वभाव अकी को भा गया। साथ में काफी वक्त बिताने के बाद उन्होंने शादी का फैसला किया। उनके रिश्ते का आधार न सिर्फ भावनाएं और प्रेम, बल्कि तर्क भी है।
अपने ही घर में विपक्षी दल बन गईं
अकी और शिंजो की शादी को 30 साल हो चुके हैं। शिंजो अकी से आठ साल बड़े हैं। शुरुआत में अकी भी परंपरागत पत्नियों की तरह पति की हर बात में हां में हां मिलाती थीं। अपनी किताब आई लिव माई ओन लाइफ में उन्होंने स्वीकारा है- अगर मुझे पति की कोई नीति सही नहीं भी लग रही होती, तब भी जनता के सामने मैं उनका समर्थन करती थी। मुझे लगता था कि अगर अपने पति के खिलाफ बोलूंगी, तो उनकी छवि पर बुरा असर पड़ेगा। बाद में समझ आया कि अपने प्रति ईमानदार रहने में कोई बुराई नहीं। मैं अकी आबे बन कर रहना चाहती थी, न कि सिर्फ शिंजो आबे की पत्नी। पहले मेरी अपनी कोई राय नहीं थी, पति की राय को ही मैं अपनी राय समझती थी। बाद में मुझे यह बात समझ में आई कि अपनी सोच सामने रखने से कभी परहेज नहीं करना चाहिए। इसके बाद अकी सरकार की नीतियों और फैसलों की खामियों पर खुल कर बोलने लगीं। आज स्थिति यह है कि अकी जापान की राजनीति में अपने ही घर में विपक्ष दल के रूप में जानी जाती हैं।