
Adhik Maas 2026 Begins on May 17 : जयपुर. जप, तप और श्री हरि (भगवान विष्णु) की आराधना के लिए खास अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की शुरुआत 17 मई से होगी। 17 मई से लेकर 15 जून 2026 तक मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब आठ साल बाद ऐसा संयोग रहेगा जब ज्येष्ठ में पुरुषोत्तम मास भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को पूर्वाह्वव्यापिनी दशमी और हस्त नक्षत्र में गंगा जी का अवतरण हुआ था। इसी दिन गंगादशमी का पर्व मनाया जाता है।
ज्योतिषाचार्य पं. मोहनलाल शर्मा ने बताया कि इस दौरान धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और भक्ति का विशेष महत्व बताया गया है। अधिक मास लगभग हर 32 महीने 16 दिन में एक बार आता है। वहीं, अधिक मास शुरू होने से पूर्व एक सप्ताह में शहर में करीब तीन हजार शादियां होंगी।
अगले सप्ताह से मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। ऐसे में एक सप्ताह में राजधानी में तीन हजार से अधिक मांगलिक कार्य होंगे। 70 प्रतिशत गार्डन बुक हैं।
भवानीशंकर माली, महामंत्री, ऑल वेडिंग इंडस्ट्री फेडरेशन राजस्थान
गोविंददेव जी मंदिर स्थित सत्संग भवन एक बार फिर रामनाम से गुंजायमान होगा। आगामी 30 और 31 मई को 1008 आसनों पर रामचरितमानस के अखंड पाठ होंगे, जो कि 27 घंटे चलेंगे। कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क आसन बुकिंग की व्यवस्था 'प्रथम आओ-प्रथम पाओ' के आधार पर की गई है।
16 मई से राजापार्क स्थित भाटिया भवन में 108 श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत होगी। शाम पांच बजे कलश यात्रा और 108 पोथी यात्रा तिलक नगर स्थित मंडलेश्वर शिव मंदिर से रवाना होगी। सुबह छह बजे से शुरू होने वाली कथा में वृंदावन, काशी सहित चार से अधिक जगहों के 108 विद्वान श्रीमद्भागवत महापुराण के सभी 18 हजार श्लोकों के सस्वर पाठ करेंगे। आचार्य सुरेश शास्त्री कथा के प्रसंग सुनाएंगे।