
Ekadashi Vrat Calendar 2026|Chatgpt
Jyeshtha Month Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन ज्येष्ठ मास 2026 इस बार और भी अधिक खास रहने वाला है। इस वर्ष अधिकमास के कारण भक्तों को एक ही मास में चार पवित्र एकादशी व्रत करने का अवसर मिलेगा। अपरा एकादशी, पद्मिनी एकादशी, परमा एकादशी और निर्जला एकादशीइन सभी व्रतों का धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व बताया गया है। मान्यता है कि श्रद्धा, नियम और भक्ति के साथ एकादशी व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है। खासतौर पर निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। ऐसे में भक्तों के लिए सही तिथि और पारण समय जानना बेहद जरूरी है।
ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अपरा एकादशी का व्रत विशेष पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति तथा शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
14 मई 2026 को सुबह 06:04 बजे से 08:41 बजे तक पारण करना शुभ रहेगा।
अधिकमास में पड़ने वाली पद्मिनी एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
28 मई 2026 को सुबह 05:25 बजे से 08:08 बजे तक पारण करना शुभ माना गया है।
अधिकमास के शुक्ल पक्ष में आने वाली परमा एकादशी को अत्यंत फलदायी और कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर व्यक्ति को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है।
निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन व्रत माना जाता है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस एक व्रत का पुण्य वर्षभर की सभी एकादशियों के समान फल प्रदान करता है।
26 जून 2026 को सुबह 05:25 बजे से 08:13 बजे तक पारण करना शुभ रहेगा।
Published on:
10 May 2026 11:06 am
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