धर्म और अध्यात्म

Adhik Maas 33 Deepak Upay : अधिक मास में 33 दीपक जलाने का रहस्य, 33 करोड़ देवी-देवताओं का मिलेगा आशीर्वाद

Adhik Maas 33 Deepak Upay : अधिक मास में 33 दीपक जलाने का क्या है रहस्य? जानिए 33 करोड़ देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यता, दीपदान का सही तरीका, तुलसी पूजन और कार्तिक दीपदान का महत्व। सुख-समृद्धि और अक्षय पुण्य पाने का आसान उपाय।
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May 06, 2026
Adhik Maas 33 Deepak Upay
Adhik Maas 33 Deepak Upay : अधिक मास में 33 दीपक क्यों जलाए जाते हैं (फोटो सोर्स: AI@Gemini)

Adhik Maas Deepdaan : हिंदू धर्म में अधिक मास को सबसे पवित्र महीना माना गया है। कहते हैं कि इस महीने में किया गया छोटा सा दान भी अक्षय पुण्य लेकर आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस महीने में 33 की संख्या का क्या रहस्य है? चलिए जानते हैं कि कैसे आप इस अधिक मास में अपने जीवन के अंधेरे को दूर कर सकते हैं।

33 दीपकों का रहस्य और 33 करोड़ देवता | Adhik Maas 33 Deepak Upay

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हमारी संस्कृति में 33 कोटि (प्रकार/करोड़) देवी-देवताओं का वास माना गया है। अधिक मास में दीपदान करने का अर्थ है अंधकार पर प्रकाश की विजय।

जब हम 33 बत्ती या 33 दीपक जलाते हैं, तो वह सीधा उन सभी 33 करोड़ देवी-देवताओं को समर्पित होता है। यह एक प्रतीकात्मक तरीका है उन सभी दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद एक साथ पाने का।

कैसे करें दीपदान?

आपको बहुत ज्यादा ताम-झाम करने की जरूरत नहीं है। भक्ति मन से होती है, साधनों से नहीं। आप अपनी सुविधा अनुसार नीचे दिए गए दो तरीकों में से कोई भी चुन सकते हैं:

महा-दीपक: एक बड़ा मिट्टी का दीपक लें और उसमें 33 बत्तियां रखें। इन सभी को एक साथ प्रज्वलित करें। यह अनंत फल देने वाला माना जाता है।

पृथक दीप: यदि संभव हो, तो आप 33 अलग-अलग छोटे दीपक भी जला सकते हैं।

तेल का चुनाव: अगर आपके पास घी नहीं है, तो बिल्कुल भी परेशान न हों। आप सरसों के तेल या तिल के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं। भगवान आपकी श्रद्धा देखते हैं, आपकी जेब नहीं।

क्यों है अधिक मास में दीपदान इतना खास?

सिर्फ घर के मंदिर में ही नहीं, अधिक मास में इन जगहों पर दीपदान करने से किस्मत चमक सकती है:

तुलसी पूजन: अधिक मास में तुलसी के पास दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती।

आकाश दीप: पुराने समय में लोग एक ऊंचे बांस पर दीपक लटकाते थे जिसे आकाश दीप कहा जाता है। यह पितरों को मार्ग दिखाने के लिए किया जाता है।

नदी/सरोवर: बहते जल में दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।

एक खास बात: अगर आप पूरे महीने रोज दीपदान नहीं कर पाए हैं, तो आप अधिक मास की एकादशी, कार्तिक पूर्णिमा या देव दीपावली के दिन एक साथ 33 दीपकों का दान करके पूरे महीने का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।

अधिक मास हमें सिखाता है कि प्रकाश ही जीवन है। चाहे सरसों का तेल हो या घी, महत्वपूर्ण यह है कि आप उस ज्योत के माध्यम से अपने भीतर के विश्वास को जगा रहे हैं। तो इस बार देर न करें, 33 कोटि देवताओं के नाम का एक दीपक जरूर जलाएं और अपने जीवन में खुशहाली का स्वागत करें।

Published on:
06 May 2026 11:14 am