
Ashadha Gupt Navratri 2026:आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 का आरंभ 15 जुलाई, बुधवार से होने जा रहा है।नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है, इसलिए सही मुहूर्त में कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है। इस बार प्रतिपदा तिथि, पुष्य नक्षत्र, हर्षण योग और सिद्ध योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे नवरात्रि का महत्व और बढ़ गया है। आइए ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा से जानते हैं घटस्थापना का शुभ समय, नौ दिनों में किस देवी की पूजा होगी और व्रत का पारण कब किया जाएगा।
वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ बुधवार 15 जुलाई से हो रहा है। 14 जुलाई को दोपहर 3:14 मिनट पर आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा, जो अलगे दिन यानी 15 जुलाई को सुबह 11:52 मिनट कर व्याप्त रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, 15 जुलाई से ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी। वहीं 23 जुलाई को नवमी तिथि रहेगी जिसके साथ ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का समापन होगा।
प्रतिपदा तिथि में घट स्थापना यानी मां के आवाहन से ही नवरात्रि का अनुष्ठान शुरू होता है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर 15 जुलाई को ही घट स्थापना की जाएगी। जिसका शुभ मुहूर्त पुष्य नक्षत्र में होगा। इस दिन सुबह 8:02 मिनट का समय घट स्थापना के लिए सर्वोत्तम होगा। आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा में 15 जुलाई बुधवार को पुष्य नक्षत्र, हर्षण योग एवं सिद्ध योग में गुप्त नवरात्र शुरू होगा।
15 जुलाई 2026, बुधवार - पहला नवरात्र - घटस्थापना, मां शैलपुत्री की पूजा
16 जुलाई 2026, गुरुवार - दूसरा नवरात्र - मां ब्रह्मचारिणी पूजा
17 जुलाई 2026, शुक्रवार - तीसरा और चौथा नवरात्र - मां चन्द्रघण्टा और मां कूष्माण्डा की पूजा
18 जुलाई 2026, शनिवार - पांचवां नवरात्र - मां स्कन्दमाता पूजा
19 जुलाई 2026, रविवार - छठा नवरात्र - मां कात्यायनी पूजा
20 जुलाई 2026, सोमवार - सातवां नवरात्र - मां कालरात्रि पूजा
21 जुलाई 2026, मंगलवार - आठवां नवरात्र - दुर्गा अष्टमी, मां महागौरी पूजा
22 जुलाई 2026, बुधवार - नौवां नवरात्र - मां सिद्धिदात्री पूजा, महा नवमी
23 जुलाई 2026, गुरुवार - नवरात्रि व्रत का पारण