Bakrid 2026 की तारीख 17 मई को चांद दिखने पर तय होगी। जयपुर की जामा मस्जिद में हिलाल कमेटी बैठक करेगी। जानिए 27 या 28 मई में किस दिन मन सकती है ईद-उल-अजहा
Bakrid Moon Sighting 2026 : जयपुर। मुस्लिम समाज के प्रमुख पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर राजधानी में तैयारियों का माहौल बनने लगा है। इस बार ईद 27 या 28 मई को आने की संभावना है। इसकी अंतिम घोषणा चांद दिखाई देने के बाद चीफ काजी, राजस्थान खालिद उस्मानी की मौजूदगी में जामा मस्जिद में होने वाली हिलाल कमेटी की बैठक में की जाएगी। मुस्लिम धर्मगुरुओं के मुताबिक ईद इस्लामी महीने जिलहिज्जा की 10 वीं तारीख को मनाई जाती है। इसी कारण इस पर्व का निर्धारण 10 दिन पहले चांद देखकर किया जाता है। यदि 17 मई को चांद नजर आता है तो ईद 27 मई को होगी, अन्यथा 28 मई को मनाई जाएगी।
राजस्थान में चांद दिखने की पुष्टि के लिए जामा मस्जिद में हिलाल कमेटी की बैठक होगी, जिसमें चीफ काजी और मुस्लिम धर्मगुरु अंतिम ऐलान करेंगे। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे बाजारों और धार्मिक स्थलों पर रौनक बढ़ने लगी है।
शहर मुफ्ती मो. जाकिर नोमानी ने बताया कि यह त्याग, इबादत और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी अल्लाह की राह में त्याग और सच्ची निष्ठा का पैगाम देती है। भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का भी अवसर है।
मुस्लिम समाज की संस्थाओं की ओर से पर्व पर जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन किट, कपड़े और जरूरी सामान वितरण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। वहीं नगर निगम और समाज के जिम्मेदार लोग स्वच्छ और व्यवस्थित कुर्बानी को लेकर जागरूकता अभियान चलाएंगे।
दिल्ली रोड पर बकरा मंडी सजेगी। यहां जयपुर सहित आसपास के इलाकों के लोग बकरे खरीदने और बेचने आएंगे। अजमेरी, गुर्जरी, तोतापरी, मेवाती, सिरोही सहित अन्य नस्ल के बकरे बिकेंगे।
हज यात्रा पर गए अकीदतमंद मक्का में अराफात और अन्य धार्मिक रस्मों में शामिल होंगे। हज पर न जाने वाले लोग घरों और मस्जिदों में तिलावत, दुआ, नफ्ल नमाज और सदका करेंगे। संसारचंद्र रोड स्थित दरगाह मीर कुर्बान अली साहब के सज्जादानशीन हबीब उर रहमान नियाजी ने कहा कि समाजजन सौहार्द बनाए रखें। सोशल नेटवर्क पर अफवाहों से बचें। प्रेम, शांति व इंसानियत के मूल्यों को अपनाएं।
इस बार बकरीद की तारीख को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है। ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय इस्लामिक स्कॉलर समीरुद्दीन कासमी ने एक वीडियो जारी कर चांद की संभावित स्थिति के बारे में जानकारी दी है।
उनके मुताबिक 17 मई 2026 को भारत में चांद की ऊंचाई करीब 9 डिग्री और उम्र लगभग 17 घंटे 39 मिनट हो सकती है। आमतौर पर 10 डिग्री के आसपास चांद आसानी से नजर आता है, इसलिए इस बार चांद दिखने को लेकर कुछ जगहों पर असमंजस की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि अंतिम फैसला प्रत्यक्ष दीदार के बाद ही लिया जाएगा।