5 Miraculous Hanuman Temples : जिंदगी की हर मुश्किल का हल चाहते हैं? संकट मोचन (वाराणसी), मेहंदीपुर बालाजी (राजस्थान) समेत हनुमान जी के 5 ऐसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानें, जहां सच्ची आस्था से मिल सकती है मनचाही नौकरी, सफलता और संकटों से मुक्ति।
Chamatkari Hanuman Temple : हनुमान जी के 5 चमत्कारी मंदिर, जहां हर समस्या का हो सकता है समाधान : जिंदगी की मुश्किलें जब एक के बाद एक सामने खड़ी हो जाती हैं, तो बहुत से लोग भगवान हनुमान की शरण लेते हैं। माना जाता है, अगर आप हनुमान जी को सच्चे मन से याद करें, तो वो आपको हिम्मत और ताकत देते हैं, और रास्ते की रुकावटें भी दूर कर देते हैं। कई लोग इस भरोसे के साथ देश के अलग-अलग हनुमान मंदिरों में जाते हैं, हर मंदिर की अपनी अलग कहानी, अलग ताकत मानी जाती है।
यहां भारत के कुछ ऐसे मशहूर हनुमान मंदिरों के बारे में बताया गया है, जहां लोग अपनी अलग-अलग परेशानियों के लिए जाते हैं। इन मंदिरों का नाम उनकी कहानियों और उनके खास महत्व की वजह से पूरे देश में लिया जाता है।
सालासर बालाजी मंदिर उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में गिना जाता है। यहां लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए आते हैं और जब मन्नत पूरी हो जाती है, तो प्रसाद और नारियल चढ़ाते हैं, लाल मौली बांधते हैं। साल में एक बार यहां बड़ा मेला भी लगता है, जिसमें भक्त दूर-दूर से आते हैं। खास बात है यहां का बाजरे का चूरमा, जो प्रसाद में मिलता है। मन्नत पूरी हो जाए, तो मंदिर आकर प्रसाद चढ़ाना न भूलें।
पटना का महावीर मंदिर लोग खास तौर पर परिवार की खुशहाली और बच्चों की सलामती के लिए जाते हैं। यहां भगवान को मिठाई और तेल का दीया चढ़ाने का रिवाज है। मंगलवार और शनिवार को मंदिर खास भीड़ रहती है, क्योंकि ये दिन शुभ माने जाते हैं।
राजस्थान का मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अपने खास रीति-रिवाजों के लिए जाना जाता है। यहां हनुमान जी की बाल रूप में पूजा होती है और लोग पुराने डर, चिंता, या मन की परेशानी से राहत पाने के लिए आते हैं। यहां इमोशनल और मानसिक रूप से परेशान लोगों के लिए अलग ही माहौल बन जाता है। जिनकी नींद उड़ गई हो, या बिना वजह डर लगता हो, वो यहां आकर सुकून पाते हैं।
वाराणसी का संकट मोचन मंदिर, नाम की तरह ही, लोगों की मुश्किलें दूर करने के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले कई लोग कहते हैं कि मंदिर में जाने से मन हल्का और पॉजिटिव हो जाता है। यहां बेसन के लड्डू चढ़ाने और हनुमान चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शाम की आरती में जो माहौल बनता है, वो देखने लायक होता है।
शिमला की सबसे ऊंची पहाड़ी पर खड़ा जाखू मंदिर, अपनी 108 फीट ऊंची लाल हनुमान मूर्ति और पहाड़ियों के शानदार नज़ारों के लिए मशहूर है। यहां अक्सर स्टूडेंट्स एग्ज़ाम से पहले या लोग नई नौकरी शुरू करने से पहले आते हैं। मंदिर में फूल चढ़ाएं, घी का दीया जलाएं, और अगर वक्त मिले तो सुंदर कांड पढ़ें। यहां बंदरों का झुंड भी मिलेगा, तो अपना सामान संभालकर रखें और उन्हें खाना मत दीजिए।
हर मंदिर की अपनी एक अलग कहानी है, लेकिन एक बात सबमें एक जैसी है मुश्किल वक्त में हनुमान जी का नाम लेना, मन को हिम्मत और सुकून देता है।