Hanuman Jayanti 2026 Katha: हनुमान जयंती के खास मौके पर जानिए अंजनी पुत्र हनुमान जी से जुड़ी एक ऐसी रोचक कथा, जिससे उनकी अद्भुत लीलाओं का वर्णन होता है। आइए जानते हैं यह कथा।
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी से जुड़ी कई अद्भुत और चमत्कारी कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें उनकी भक्ति और शक्ति का अनोखा वर्णन मिलता है। ऐसी ही एक कथा माता सीता और हनुमान जी से जुड़ी है, जो उनकी अपार भक्ति और अद्भुत लीला को दर्शाती है। कहा जाता है कि माता सीता ने हनुमान जी के लिए छप्पन भोग तैयार किए, लेकिन उनकी भूख शांत नहीं हुई। इसके बाद एक साधारण से पत्ते ने ऐसा चमत्कार किया, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। आइए जानते हैं इस अद्भुत कथा के पीछे छिपा रहस्य।
हनुमान जयंती का पर्व भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और पूरी श्रद्धा से बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन की गई भक्ति से साहस, शक्ति और संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है।
एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान राम अयोध्या लौटे, तब एक दिन माता सीता ने हनुमान जी को भोजन के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रेम से छप्पन भोग और कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए।हनुमान जी ने भोजन शुरू किया और देखते ही देखते सारा भोग समाप्त कर दिया। माता सीता ने और भोजन बनवाया, लेकिन वह भी समाप्त हो गया। आश्चर्य की बात यह थी कि हनुमान जी की भूख फिर भी शांत नहीं हुई।जब महल के अन्न भंडार खाली होने लगे, तो माता सीता चिंतित हो उठीं। उन्हें समझ नहीं आया कि हनुमान जी की भूख कैसे शांत की जाए। तब उन्होंने भगवान राम से इसका उपाय पूछा।
भगवान राम के संकेत पर माता सीता ने एक तुलसी का पत्ता लिया और उस पर “राम” नाम लिख दिया। जैसे ही हनुमान जी ने वह तुलसी पत्र ग्रहण किया, उनकी भूख तुरंत शांत हो गई।इससे यह स्पष्ट हुआ कि हनुमान जी की भूख अन्न की नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के नाम और भक्ति की थी।