हिंदू कैलेंडर के अनुसार धनु राशि में सूर्य का गोचर होने के बाद से खरमास शुरू हो जाता है और करीब एक महीने रहता है। इस दौरान मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि फिर शुभता के लिए क्या करें तो आइये बताते हैं कि खरमास में शुभता के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं।
भोपाल. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार खरमास में शुभता के लिए कई उपाय कर सकते हैं, जिनसे सूर्य देव और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। इस दौरान तीर्थों में स्नान और दान पुण्य का भी महत्व है। इसके साथ इन उपायों से शख्स का घर धन धान्य से भरा रहता है। आइये जानते हैं प्रयागराज के आचार्य प्रदीप पाण्डेय से खरमास के लिए कैसे कार्य किए जा सकते हैं, जिनसे जीवन में मंगल हो और घर धन धान्य से भरा रहे।
खरमास में उपाय
1. खरमास में भागवत गीता का पाठ करना चाहिए, इस अवधि में पूजा-पाठ और धर्म-कर्म का काम करना चाहिए।
2. खरमास में श्रीराम की कथा का पाठ शुभ है, खरमास में दान, पुण्य, जप पर ध्यान देना चाहिए। इससे कष्ट दूर होंगे।
3. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, रोली, लाल चंदन, शहद और लाल पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देने से शुभ फल मिलता है।
4. इस महीने में रोजाना सूर्य देव की पूजा कर आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ विशेष फलदायी है। कुंडली में भगवान भास्कर को मजबूत करने के लिए अर्घ्य देने के दौरान ऊं भास्कराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और मान सम्मान बढ़ेगा।
5. इसी महीने में सफला एकादशी पड़ेगी, इस दिन दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए। इससे धन प्राप्ति होती है। यह उपाय हर गुरुवार को भी कर सकते हैं।
6. खरमास में एकादशी के दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु को तुलसी दल के साथ खीर का भोग लगाना विशेष फल देता है।
खरमास में तिथियों के अनुसार करें दान
1. प्रतिपदाः इस तिथि को घी से भरा चांदी का पात्र दान करने से मानसिक शांति मिलती है।
2. द्वितीयाः कांसे के पात्र में स्वर्ण रखकर दान करने से धन धान्य की कमी नहीं रहती।
3. तृतीयाः मान्यता है कि इस दिन चने का दान करने से सुख मिलता है।
4. चतुर्थीः खारक दान करने का विधान बताया गया है।
5. पंचमीः गुड़ का दान करने से मान सम्मान में वृद्धि होती है।
6. षष्ठीः कहा जाता है कि औषधि दान करने से रोग विकार दूर होते हैं।
7. सप्तमीः लाल चंदन के दान से बल और बुद्धि मिलती है।
8. अष्टमीः तांबे के दान से शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है।
9. नवमीः भाग्योदय के लिए केसर दान करने की मान्यता है।
10. दशमीः कस्तूरी दान करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होगी, ऐसी मान्यता है।
11. एकादशीः मान्यता है कि गोरोचन दान से पापों का नाश होता है।
12. द्वादशीः मान्यता है कि इस दिन शंख दान करने से आर्थिक लाभ होता है।
13. त्रयोदशीः कहा जाता है कि इस दिन मंदिर में घंटी दान करने से विवाह संबंधी दिक्कत दूर होती है।
14. चतुर्दशीः मान्यता है कि इस दिन मोती दान करने से मनोविकार दूर होते हैं।
15. अमावस्याः इस दिन आटा दान करने से हर तरह की परेशानी से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
16 पूर्णिमाः इस दिन चांदी और रत्न दान करने से शख्स पर धनवर्षा होने की मान्यता है।