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Monsoon 2026 Prediction: मानसून 2026 : सूर्य कराएगा बारिश, शनि की वजह से कहीं-कहीं रह सकता है सूखा

Monsoon 2026 Astrology Prediction: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार 56 दिन बारिश के योग बन रहे हैं। सावन में सबसे ज्यादा वर्षा, जबकि कुछ राज्यों में बाढ़ और सूखे की आशंका जताई गई है।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Updated: 15 Jun 2026, 3:30 PM IST

Astrology Monsoon Prediction, IMD Monsoon Update

Monsoon 2026 Prediction : मानसून 2026 में क्यों बन रहे बारिश के योग (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Monsoon 2026 Astrology: ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के अनुसार 22 जून से शुरू होने वाले वर्षाकाल में कुल 56 दिन वर्षा के योग (Rain Alert) बन रहे हैं। इनमें सर्वाधिक 16 दिन बारिश सावन माह में होने की संभावना है। हालांकि सामान्य वर्षा के बावजूद कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति और कहीं-कहीं अतिवृष्टि की आशंका भी जताई गई है। ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के समय बनाई जाने वाली विशेष कुंडली से मानसून (Monsoon 2026) की स्थिति का आकलन किया जाता है।

इस वर्ष 22 जून को दोपहर 12:26 बजे सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के समय कन्या लग्न उदय होगा। लग्न में चंद्रमा की उपस्थिति वर्षा (Rain Alert) के लिए अनुकूल संकेत देती है, लेकिन शुष्क राशि और शनि की दृष्टि के कारण कुछ क्षेत्रों में सूखे और बारिश का असमान वितरण देखने को मिल सकता है।

मानसून 2026 में क्यों बन रहे बारिश के योग

जून से सितंबर तक मंगल सूर्य से पीछे रहेगा, जो वर्षा के लिए शुभ योग माना जाता है। वहीं गुरु और शनि दोनों जल तत्व की राशियों में गोचर करेंगे, जिससे देश में 95 से 100 प्रतिशत तक सामान्य मानसून (Monsoon 2026) रहने की संभावना है। हालांकि गुरु की तेज गति और 26 जुलाई से शनि के वक्री होने के कारण अगस्त और सितंबर में कुछ स्थानों पर असामान्य वर्षा भी हो सकती है।

पंचांग के अनुसार आषाढ़ में 13, सावन में 16, भाद्रपद में 15 तथा आश्विन में 12 दिन वर्षा के योग बन रहे हैं। कुल 56 वर्षा दिवसों में 35 दिन उत्तम, 13 दिन मध्यम और 8 दिन मंद वर्षा के संकेत बताए गए हैं।

सूर्य की युति के कारण देश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति

16 जुलाई से 15 अगस्त के बीच गुरु और सूर्य की युति के कारण देश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में इस अवधि में अधिक वर्षा के प्रबल योग हैं। वहीं 22 अगस्त से 17 सितंबर के बीच ग्रहों के शुष्क राशियों में प्रवेश करने से वर्षा की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

चार महीनों का वर्षा गणित

आषाढ़ : 13 दिन
सावन : 16 दिन
भाद्रपद : 15 दिन
आश्विन : 12 दिन
कुल वर्षा दिवस : 56
उत्तम वर्षा : 35 दिन
मध्यम वर्षा : 13 दिन
मंद वर्षा : 8 दिन

यह अनुमान ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग आधारित विश्लेषण पर आधारित हैं। वास्तविक मौसम स्थिति भारतीय मौसम विभाग (IMD Monsoon Update) के आधिकारिक अपडेट के अनुसार बदल सकती है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।