जून से सितंबर तक मंगल सूर्य से पीछे रहेगा, जो वर्षा के लिए शुभ योग माना जाता है। वहीं गुरु और शनि दोनों जल तत्व की राशियों में गोचर करेंगे, जिससे देश में 95 से 100 प्रतिशत तक सामान्य मानसून (Monsoon 2026) रहने की संभावना है। हालांकि गुरु की तेज गति और 26 जुलाई से शनि के वक्री होने के कारण अगस्त और सितंबर में कुछ स्थानों पर असामान्य वर्षा भी हो सकती है।