धर्म और अध्यात्म

Maa Chandraghanta Mantra Navratri Day 3: मां चंद्रघंटा का ये मंत्र बदल देगा किस्मत, डर और संकट होंगे मिनटों में खत्म

Maa Chandraghanta Mantra: चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन मां दुर्गा के वीर और करुणामयी स्वरूप, मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है। इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां की पूजा करते हैं और उनके मंत्रों का जाप कर जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं।

2 min read
Mar 20, 2026
Durga third form worship benefits|फोटो सोर्स- Freepik

Maa Chandraghanta Mantra Navratri Day 3: चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की उपासना को समर्पित होता है, जो शक्ति, साहस और वीरता का प्रतीक मानी जाती हैं। देवी के मस्तक पर अर्धचंद्र विराजमान होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है, और उनका दिव्य स्वरूप भक्तों के भीतर निर्भयता का संचार करता है। मान्यता है कि इस दिन मां की विधि-विधान से पूजा और विशेष मंत्रों का जाप करने से जीवन के सभी भय, बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। मां चंद्रघंटा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें हर संकट से उबारती हैं।

ये भी पढ़ें

Gangaur Puja Samagri List : गणगौर पूजा के लिए सुहागिनें नोट कर लें पूरी लिस्ट, इन सामग्रियों के बिना अधूरी है पूजा

Navratri 2026 Day 3: मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व

मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित होता है, जो उनके नाम का कारण है। उनका वाहन सिंह है, जो साहस और शक्ति का प्रतीक है। उनके दस हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र होते हैं, जैसे त्रिशूल, तलवार और गदा। हालांकि उनका स्वरूप शांत और सौम्य दिखाई देता है, लेकिन अन्याय के खिलाफ वे रौद्र रूप धारण कर लेती हैं। यही कारण है कि उन्हें दुष्टों का संहार करने वाली देवी भी कहा जाता है।

प्रभावशाली मंत्र और उनका महत्व

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

इस मंत्र का नियमित जाप मन को स्थिर करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। साथ ही प्रार्थना, स्तुति और ध्यान मंत्रों का पाठ करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सच्चे मन से किया गया जप व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

विशेष मंत्र और स्तुति

  • ध्यान मंत्र: पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
  • स्तुति: या देवी सर्वभू‍तेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

पूजा विधि और भोग

इस दिन मां को सफेद कमल या पीले गुलाब अर्पित करना शुभ माना जाता है। भोग में केसर की खीर और दूध से बनी मिठाइयां चढ़ाई जाती हैं। पूजा के समय साफ-सफाई और मन की पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दीपक जलाकर और धूप अर्पित कर मां का ध्यान करने से मन को शांति मिलती है।

मां चंद्रघंटा की पूजा के लाभ

माना जाता है कि मां चंद्रघंटा शुक्र ग्रह को नियंत्रित करती हैं, इसलिए उनकी पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उनकी आराधना से व्यक्ति के भीतर साहस, निर्भयता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो लोग डर या तनाव से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह पूजा विशेष रूप से लाभकारी होती है।

ये भी पढ़ें

Chandra Guru Yuti 2026 Mithun: मिथुन में चंद्र-गुरु युति 2026: इन 4 राशियों को मिलेगा धन, प्रमोशन और सफलता

Also Read
View All

अगली खबर