
Mahashivratri Upay Mishra Ji: साल 2026 की महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए बेहद खास होने वाली है। इस दिन लोग धूमधाम से भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह उत्सव मनाते हैं। धार्मिक विद्वानों के अनुसार यह दिन आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सबसे बड़ा दिन होता है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले महाराज) के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात में की गई साधना साधारण मनुष्य को भी शिव-तत्व की प्राप्ति करा सकती है।
पंचांग के अनुसार, जिस फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व पड़ता है, वह इस साल15 फरवरी2026 की शाम 05:04 बजे से शुरु होकर 16 फरवरी 2026 की शाम 05:34 बजे समाप्त होगी। इस तरह महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस साल 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा।
पवित्र शिव महापुराण के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने सृष्टि को बचाने के लिए विषपान किया था। वहीं लोग ये भी मानते हैं कि इसी दिन शिव-पार्वती विवाह और शिव जी निराकार से साकार रूप (लिंगोद्भव) में प्रकट हुए। पंडित प्रदीप मिश्रा कहते हैं, कि महाशिवरात्रि पर जो व्यक्ति रातभर जागकर भगवान शिव का स्मरण करता है, उसके कई जन्मों के पाप कट जाते हैं। यह आत्म-शुद्धि और नकारात्मकता को दूर करने के लिए सबसे शक्तिशाली रात मानी जाती है।
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। पूजन के लिए शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध, दही, शहद और गंगाजल (पंचामृत) चढ़ाएं। शिव जी को बेलपत्र, धतूरा और भांग जरूर अर्पित करें। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक ज्यादा लाभ देता है।
पैसों की तंगी दूर करने के लिए: शिवलिंग पर 11 बेलपत्र चढ़ाएं।
कर्ज से मुक्ति: जल में काले तिल मिलाकर भोलेनाथ का अभिषेक करें।
मनोकामना पूर्ति: शिवलिंग पर शहद और दूध की धारा अर्पित करें।
विवाह बाधा: गौरी और शंकर की एकसाथ पूजा करें और सफेद फूल चढ़ाएं।
नौकरी और तरक्की: गंगाजल चढ़ाते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
{ अस्वीकृति(Disclaimer): यह लेख महाराज जी द्वारा बताए उपायों पर आधारित है। हम किसी भी बात की पुष्टि और दावा नहीं करते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप, धार्मिक विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।}