धर्म और अध्यात्म

Mahashivratri 2026: इस शिवरात्रि करें राशि आधारित पूजा, एक सही अर्पण दिला सकता है मनचाहा फल

Mahashivratri 2026 Puja Vidhi: महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। मान्यता है कि यदि इस दिन अपनी राशि के अनुसार पूजन सामग्री अर्पित की जाए, तो साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। नीचे सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग पूजन उपाय दिए जा रहे हैं।

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Feb 11, 2026
Mahashivratri Rashifal 2026|फोटो सोर्स- Freepik

Mahashivratri 2026 Puja Vidhi: 15 फरवरी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि का पर्व शिव भक्तों के लिए अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव और माता पार्वती के पावन मिलन का प्रतीक है, जब पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव शंकर की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस विशेष अवसर पर विधि-विधान से की गई पूजा और सही अर्पण जीवन में सुख, शांति और मनचाहे फल की प्राप्ति कराता है। इस बार महाशिवरात्रि पर राशि आधारित पूजा का विशेष महत्व बताया जा रहा है जानिए आपकी राशि के अनुसार क्या अर्पित करना रहेगा शुभ।

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मेष राशि

मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो ऊर्जा और साहस का प्रतीक है। इस राशि के जातकों को महाशिवरात्रि पर बेलपत्र, शहद और लाल चंदन अर्पित करना शुभ रहता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि शुक्र ग्रह से प्रभावित होती है, जो सुख और समृद्धि का कारक है। इस दिन दही, सफेद फूल और मिश्री चढ़ाना लाभकारी माना जाता है। इससे पारिवारिक जीवन में मधुरता बढ़ती है और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, जो बुद्धि और संवाद के प्रतीक हैं। इस राशि के लोगों को हरी दुर्वा, गन्ने का रस और भांग अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से मानसिक चंचलता कम होती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।

कर्क राशि

कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है और भगवान शिव को चंद्रशेखर भी कहा जाता है। इसलिए इस राशि के लिए यह दिन अत्यंत खास होता है। दूध, सफेद पुष्प और दही अर्पित करने से मन को शांति मिलती है और जीवन की परेशानियां कम होती हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि सूर्य के अधीन है, जो आत्मविश्वास और नेतृत्व का प्रतीक है। इस दिन गुड़ मिला जल और बेलपत्र अर्पित करना शुभ फलदायी होता है। इससे मान-सम्मान और आत्मबल में वृद्धि होती है।

कन्या राशि

कन्या राशि भी बुध ग्रह से संचालित होती है। इस राशि के जातकों को धतूरा, दुर्वा और गन्ने का रस अर्पित करना चाहिए। इससे मन एकाग्र होता है और कार्यक्षेत्र में स्थिरता आती है।

तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं, जो प्रेम और सौंदर्य के कारक माने जाते हैं। इस दिन चमेली के फूल, सुगंधित इत्र और मिश्री अर्पित करना शुभ रहता है। इससे रिश्तों में सामंजस्य बढ़ता है और वैवाहिक जीवन सुखद बनता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि भी मंगल के प्रभाव में रहती है। इस राशि के लोगों को लाल चंदन, शहद और बेलपत्र चढ़ाने चाहिए। इससे क्रोध पर नियंत्रण मिलता है और जीवन में स्थिरता आती है।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी गुरु हैं, जो ज्ञान और धर्म के प्रतीक हैं। इस दिन केसर, चने की दाल और दूध अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है।

मकर राशि

मकर राशि शनि के अधीन है, जो कर्म और अनुशासन का ग्रह है। इस राशि के जातकों को काले तिल और शमी पत्र अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से परिश्रम का फल मिलने लगता है और बाधाएं कम होती हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि भी शनि से प्रभावित होती है। महाशिवरात्रि पर भांग, धतूरा और काले तिल अर्पित करना लाभकारी माना जाता है। इससे जीवन में स्थिरता आती है और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

मीन राशि

मीन राशि के स्वामी गुरु हैं। इस राशि के लोगों को बेसन की मिठाई, केसर और दूध अर्पित करना चाहिए। इससे आध्यात्मिक उन्नति होती है और मन में सकारात्मकता बढ़ती है।

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Published on:
11 Feb 2026 03:32 pm
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