Nautapa 2026 25 मई से शुरू हो रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार नौतपा में जल, अन्न, शरबत और पंखे का दान करने से सूर्य देव की कृपा और सुख-समृद्धि मिल सकती है।
Nautapa 2026: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को सूर्य देव की प्रचंड ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा, जब गर्मी अपने चरम पर होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों किए गए दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिषाचार्य राजेंद्र मुंजाल के अनुसार, नौतपा के दौरान कुछ खास वस्तुओं का दान करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है और व्यक्ति को मान-सम्मान, सफलता तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिल सकता है।
धार्मिक मान्यता है कि नौतपा के दौरान सूर्य देव पृथ्वी पर सबसे अधिक प्रभावशाली स्थिति में होते हैं। ऐसे समय में जल, अन्न और ठंडी चीजों का दान करना न केवल इंसानियत का कार्य माना जाता है, बल्कि इससे सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है। कहा जाता है कि इस दौरान किया गया दान व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर करता है और मान-सम्मान में वृद्धि लाता है।
नौतपा में अन्न दान को बेहद शुभ माना गया है। गरीबों, जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को गेहूं और चावल दान करने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं रहती। मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
भीषण गर्मी में किसी प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। नौतपा में जल दान करने से मानसिक शांति और जीवन की परेशानियों से राहत मिलने की मान्यता है। वहीं, खरबूजा दान करना भी शुभ माना जाता है क्योंकि यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।
नौतपा के दौरान राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाना बेहद पुण्यदायी माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इससे सूर्य और चंद्रमा दोनों मजबूत होते हैं, जिससे व्यक्ति को सम्मान और मानसिक संतुलन मिलता है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों, मंदिरों या अस्पतालों में पंखा दान करना भी लाभकारी माना गया है। ऐसा करने से जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं और आर्थिक परेशानियां कम होने लगती हैं।
नौतपा में केवल दान ही नहीं, बल्कि सूर्य देव की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और जरूरतमंदों की मदद करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, करियर में सफलता मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।