धर्म और अध्यात्म

Navratri 2026 Havan Muhurat: अष्टमी और नवमी पर हवन का क्या है सही समय? नोट कर लें ये जरूरी तारीखें

Navratri 2026 Havan Muhurat : चैत्र नवरात्रि 2026 और हिंदू नववर्ष की शुरुआत में अष्टमी और नवमी पर हवन का शुभ समय जानें। 26 और 27 मार्च के मुहूर्त, हवन सामग्री, विधि और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

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Mar 23, 2026
Navratri 2026 Havan Muhurat : नवरात्रि 2026 में कब करें हवन? अष्टमी-नवमी मुहूर्त और पूजन विधि जानें (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Navratri 2026 Havan Muhurat : हिंदू शास्त्रों में कहा गया है कि हवन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ने का एक माध्यम है। मान्यता है कि हवन की अग्नि के माध्यम से हम जो आहुति देते हैं, वह सीधे देवताओं तक पहुंचती है। चैत्र नवरात्रि 2026 में भी मां अंबे को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए हवन का विधान अष्टमी और नवमी तिथि को किया जाएगा।

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हवन के लिए सबसे शुभ मुहूर्त (तारीख और समय) | Navratri 2026 Havan Muhurat :

इस साल तिथियों की गणना के अनुसार हवन के लिए दो विशेष दिन बेहद शुभ हैं:

26 मार्च 2026 (अष्टमी हवन): Navratri 2026 Havan Muhurat

जो भक्त अष्टमी पर हवन और कन्या पूजन करते हैं, उनके लिए सुबह 11:49 बजे के बाद का समय हवन के लिए श्रेष्ठ है।

27 मार्च 2026 (नवमी/राम नवमी हवन): Navratri 2026 Havan Muhurat

महानवमी के दिन हवन करने वालों के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06:18 बजे से दोपहर 01:59 बजे तक रहेगा। इसी दिन भगवान राम का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा, जिससे इस दिन के हवन का महत्व दोगुना हो जाता है।

तैयारी में न रहे कोई कमी: हवन सामग्री की चेकलिस्ट

हवन शुरू करने से पहले इन सामग्रियों को एक साथ जुटा लें ताकि पूजा के बीच में कोई बाधा न आए:

मुख्य सामग्रीपूजन की अन्य वस्तुएंफल और नैवेद्य
हवन कुंड और पवित्र लकड़ी (आम/खैर)रोली, चंदन, अक्षत (चावल)5 प्रकार के ऋतु फल
तैयार हवन सामग्री और घीकपूर, धूप, अगरबत्तीशहद और कलावा (मौली)
सूखा नारियल (गोला)लाल कपड़ा (रुमाल साइज)मिठाई और पंचामृत
सुपारी, गुग्गल और लोबानगंगाजल, पान के पत्तेताजे फूलों की माला

हवन का महत्व: क्यों है यह जरूरी?

शास्त्रों के अनुसार, "हवनात् सर्वपापप्रणाशनम्" अर्थात हवन से सभी पापों का नाश होता है। नवरात्रि में हवन करने के पीछे कुछ खास कारण हैं:

सकारात्मक ऊर्जा: हवन की अग्नि और मंत्रों की ध्वनि घर से नकारात्मक शक्तियों को बाहर निकालती है।

पूजा की पूर्णता: नौ दिनों के व्रत और पाठ में अगर कोई अनजानी भूल हो गई हो, तो हवन के जरिए क्षमा याचना की जाती है और पूजा सफल होती है।

वातावरण की शुद्धि: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी हवन में उपयोग होने वाली जड़ी-बूटियां और सामग्री वायुमंडल को कीटाणुरहित बनाती हैं।

हवन करते समय इन 3 बातों का रखें खास ध्यान

आहुति की संख्या: नवरात्रि हवन में 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' मंत्र की कम से कम 108 आहुतियां देना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

पूर्णाहुति: हवन के अंत में सूखे नारियल के बीच में घी और सुपारी भरकर दी जाने वाली 'पूर्णाहुति' सबसे महत्वपूर्ण है। इसे खड़े होकर श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।

कन्या पूजन: हवन के बाद नौ कन्याओं और एक बटुक (छोटा बालक) को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेना न भूलें, क्योंकि मां दुर्गा कन्याओं के रूप में ही साक्षात विराजमान होती हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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