
Panchak Start Date And End Date In March 2023: ज्योतिष शास्त्र में पंचक को शुभ नक्षत्र नहीं माना जाता। दरअसल पंचक एक ऐसा योग है जो, पांच अशुभ माने जाने वाले नक्षत्रों से मिलकर बनता है। इन दिनों में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता। कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। इस दौरान स्थिति यह होती है कि यदि परिवार में कोई बच्चा जन्म ले ले, तो भी पंचकों की शांति करवाई जाती है। इसी से समझा जा सकता है कि पंचक को कितना अशुभ और हानिकर नक्षत्रों का योग माना गया है। पत्रिका.कॉम के इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित सुनील शर्मा आपको बता रहे हैं इस माह में कब से लग रहे हैं पंचक...
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक पंचक को अशुभ की आशंका लाने वाला माना जाता है। पंचक जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि पांच। माना जाता है कि पंचक में यदि कोई कार्य किया जाता है, तो उसकी आवृत्ति पांच बार होती है। ऐसे में इस दौरान कोई भी कार्य किया जाना चाहे वो शुभ हो या अशुभ उचित नहीं माना गया है।
पंचक को ऐसे समझें
पांच नक्षत्र घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद और रेवती जब इन नक्षत्र पर चंद्रमा गोचर करता है, तो उस काल को पंचक कहा जाता है। साथ ही चंद्रमा, कुंभ और मीन राशि पर रहता है, तब उस समय को पंचक कहा जाता है।
यहां जानें मार्च माह में कब से शुरू हो रहे हैं पंचक
जनवरी-फरवरी के बाद अब मार्च में पंचक की शुरुआत 19 मार्च रविवार से हो रही है। यह पूर्वाह्न 11 बजकर 17 मिनट से शुरू हो जाएंगे और पंचक का समापन गुरुवार 23 मार्च 2023 दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक रहेंगे।
पंचक में नहीं करने चाहिए ये काम ?
- पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करना अच्छा नहीं माना जाता है।
- यदि किसी के घर में किसी की मृत्यु हो गई है, तो उसका दाह संस्कार तक इस दौरान नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन माना जाता है कि यदि किसी परिजन की मृत्यु पंचक में होती है तो, चन्दन की पांच लकड़ी को शव के साथ पूरे विधि-विधान के साथ दाह संस्कार क समय रख दें। ऐसा करने से पंचक दोष समाप्त हो जाता है और उसके बाद अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
- पंचक के समय लकड़ी काटना वर्जित माना गया है।
- इस दौरान पेड़ के पत्ते तोडऩा भी वर्जित माना गया है।
- पीतल, तांबा और लकड़ी का संचय करना भी अशुभ माना गया है।
- पंचक के समय मकान की छत डालना, चारपाई बनाना, कुर्सी बनाना, चटाई आदि बुनना, गद्दियां बनाना या बनवाना भी वर्जित है।