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Chaitra Navratri 2023: यहां जानें चैत्र नवरात्रि की सही तिथि और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

Chaitra Navratri 2023 Kalash Sthapna Shubh Muhurat: आपको बता दें कि दिनांक 19 मार्च को पंचक लग रहा है और इसकी समाप्ति दिनांक 23 मार्च को होगी। पत्रिका.कॉम के इस लेख में भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. जगदीश शर्मा आपको बता रहे हैं पंचक में कैसे करें कलश की स्थापना, साथ ही जानें पूजा का शुभ मुहूर्त भी...
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Sanjana Kumar

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Updated: 11 Mar 2023, 3:38 PM IST

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Chaitra Navratri 2023 Kalash Sthapna Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। नौ दिन का यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है और इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्रि पंचक के दौरान शुरू हो रहे हैं। आपको बता दें कि दिनांक 19 मार्च को पंचक लग रहा है और इसकी समाप्ति दिनांक 23 मार्च को होगी। पत्रिका.कॉम के इस लेख में भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. जगदीश शर्मा आपको बता रहे हैं पंचक में कैसे करें कलश की स्थापना, साथ ही जानें पूजा का शुभ मुहूर्त भी...

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
22 मार्च, बुधवार को सुबह 6 बजकर 23 मिनट से लेकर 7 बजकर 32 मिनट तक कलश स्थापना की जा सकती है। आपको ध्यान यह रखना है कि इसी मुहूर्त में कलश की स्थापना करें।

मां दुर्गा के नौं स्वरूपों की पूजा करें
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। यहां जानें पहले दिन से लेकर नवे या अंतिम दिन मां के किस स्वरूप की होती है पूजा...

1. नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है।
2. नवरात्रि के दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है।
3. नवरात्रि के तीसरे दिन मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाती है।
4. नवरात्रि के चौथे दिन मां के कुष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है।
5. नवरात्रि के पांचवें दिन मां के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है।
6. नवरात्रि के छठे दिन मां के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है।
7. नवरात्रि के सातवें दिन मां के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है।
8. नवरात्रि के आठवें दिन मां के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है।
9. नवरात्रि के नवें दिन मां के सिद्धिरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है।

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