
Skin Breakouts के 10 कारण (Representative Image) Image Credit Magnific
Skin Breakouts: चेहरे पर पिंपल्स और मुंहासे होना एक आम समस्या है। कभी त्वचा साफ और हेल्दी दिखती है, तो कभी अचानक छोटे-छोटे दाने नजर आने लगते हैं। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, तनाव, त्वचा पर जमा तेल और गंदगी के साथ ही रोजमर्रा की कुछ आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं। ऐसे में त्वचा की सही देखभाल करने और कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से मुंहासों और स्किन ब्रेकआउट्स की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं, इनसे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
मेकअप लगाकर सोने से त्वचा पर मेकअप, तेल और गंदगी जमा रह सकती है। इससे रोमछिद्र बंद होने और मुंहासे बढ़ने की आशंका हो सकती है। इसलिए रात को सोने से पहले माइल्ड क्लींजर से चेहरा अच्छी तरह साफ करें और इसके बाद अपनी त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं।
तकिए के कवर पर त्वचा का तेल, पसीना, धूल और बालों में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स सोते समय जमा हो सकते हैं। ऐसे में तकिए के कवर को नियमित रूप से धोना और साफ रखना जरूरी है। इससे त्वचा के संपर्क में आने वाली गंदगी को कम करने में मदद मिल सकती है।
मेकअप ब्रश पर मेकअप, तेल और गंदगी जमा हो सकती है। लंबे समय तक बिना साफ किए ब्रश इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ब्रश को नियमित रूप से साफ करें और दोबारा इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सूखने दें।
रोजाना मेकअप करने से भी कुछ लोगों को मुंहासों और स्किन ब्रेकआउट्स की समस्या हो सकती है। इसलिए, अगर जरूरत न हो तो मेकअप करने से परहेज करें।
मोबाइल फोन की स्क्रीन पर तेल, धूल और गंदगी जमा हो सकती है। ऐसे में फोन को गाल से लगाकर बात करने से मुंहासों और ब्रेकआउट्स भी हो सकते है। इसलिए फोन की स्क्रीन को उसके निर्माता के निर्देशों के अनुसार नियमित रूप से साफ करें।
पिंपल्स को बार-बार छूने, दबाने या फोड़ने से सूजन बढ़ सकती है। इससे त्वचा पर दाग पड़ने और निशान बनने का खतरा भी रहता है। इसलिए पिंपल्स को खुद से निकालने की कोशिश न करें।
चश्मे के फ्रेम और नाक पर टिकने वाली जगह पर तेल, पसीना और गंदगी जमा हो सकती है। अगर इन जगहों पर बार-बार दाने निकलते हैं, तो चश्मे को नियमित रूप से साफ रखें। इससे त्वचा के संपर्क में आने वाली गंदगी को कम करने में मदद मिल सकती है।
मेकअप प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट और इस्तेमाल की अवधि का ध्यान रखना जरूरी है। पुराने या खराब हो चुके प्रोडक्ट्स से त्वचा में जलन, रैशेज और आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए एक्सपायरी वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें।
एक्सफोलिएशन से त्वचा की सतह पर जमा मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जोर से स्क्रब करने या बार-बार एक्सफोलिएशन करने से त्वचा में जलन और सूजन बढ़ सकती है। खासकर मुंहासों वाली त्वचा पर कठोर स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचें।
स्किन टाइप के अनुसार मॉइस्चराइजर इस्तेमाल न करने से भी पिंपल्स हो सकता है। इसलिए ऑयली त्वचा होने पर भी मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं। ऑयली या मुंहासों वाली त्वचा के लिए ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुनें।
डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। त्वचा से जुड़ी परेशानी होने पर त्वचा विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से सलाह लें।
Updated on:
29 Oct 2026, 10:57 AM IST
Published on:
29 Oct 2026, 10:57 AM IST
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