Papmochani Ekadashi 2026 कब है? जानें 15 मार्च की एकादशी तिथि, व्रत पारण समय, पौराणिक कथा और इस व्रत के धार्मिक महत्व व लाभ।
Papmochani Ekadashi 2026 Date : क्या आपको भी कभी-कभी महसूस होता है कि बीते कल की कुछ गलतियां आज भी आपके मन पर बोझ बनी हुई हैं? हम इंसान हैं और जाने-अनजाने हमसे भूल हो ही जाती है। लेकिन हमारे शास्त्रों में एक ऐसा खास दिन बताया गया है, जो आपके दिल और आत्मा के इस बोझ को पूरी तरह उतार सकता है। वह पावन दिन है पापमोचनी एकादशी।
जैसा कि नाम से ही साफ है, पाप यानी बुरा कर्म और मोचनी यानी मुक्त करने वाली। यह एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि खुद को आध्यात्मिक रूप से रीसेट करने का एक ईश्वरीय अवसर है।
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी साल की आखिरी एकादशी मानी जाती है। इसके ठीक बाद चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है।
एकादशी तिथि: रविवार, 15 मार्च 2026
तिथि का प्रारंभ: 14 मार्च को सुबह 08:10 बजे से
तिथि का समापन: 15 मार्च को सुबह 09:16 बजे तक
व्रत खोलने का समय: 16 मार्च को सुबह 06:46 से 09:11 के बीच
भविष्योत्तर पुराण में एक बेहद रोमांचक कहानी मिलती है। च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी ऋषि घोर तपस्या में लीन थे। उनकी शक्ति से डरकर देवराज इंद्र ने उनकी तपस्या भंग करने के लिए मंजुघोषा नाम की अप्सरा को भेजा। कामदेव की मदद से मंजुघोषा ने ऋषि को मोहित कर लिया।
मोहपाश में बंधे मेधावी ऋषि को समय का भान ही नहीं रहा। उन्हें लगा कि कुछ ही पल बीते हैं, जबकि असल में 57 साल बीत चुके थे। जब उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ, तो उन्होंने क्रोध में आकर मंजुघोषा को 'पिशाचिनी' बनने का श्राप दे दिया।
बाद में जब दोनों को अपनी गलती का पछतावा हुआ, तब च्यवन ऋषि ने उन्हें पापमोचनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। इस व्रत के प्रभाव से मंजुघोषा पिशाच योनि से मुक्त होकर पुनः सुंदर अप्सरा बन गई और मेधावी ऋषि के भी सभी पाप धुल गए।
मानसिक शांति: पुराने पापों के पछतावे से मुक्ति मिलती है।
नकारात्मकता का नाश: बुरी शक्तियों और नकारात्मक विचारों का प्रभाव खत्म होता है।
मोक्ष की प्राप्ति: भगवद गीता के अनुसार, जो अनन्य भाव से प्रभु की शरण में आता है, वह जीवन-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।