धर्म और अध्यात्म

Sheetala Ashtami 2026 : शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े जरूरी नियम

Sheetala Ashtami 2026 11 मार्च को मनाई जाएगी। जानें शीतला अष्टमी की सही तिथि, पूजा विधि, क्या खाना चाहिए, चाय पी सकते हैं या नहीं और किन गलतियों से बचना चाहिए।
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Mar 10, 2026
Sheetala Ashtami 2026
Sheetala Ashtami 2026 : शीतला अष्टमी 2026: क्यों नहीं जलाया जाता चूल्हा? जानें धार्मिक कारण (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी 2026 में 11 मार्च को है। इस दिन मां शीतला की पूजा होती है, लेकिन कुछ बातें बिल्कुल न भूलें। स्कंद पुराण में साफ लिखा है कि मां शीतला की पूजा में न धूप जलाएं, न अगरबत्ती, और न ही दीपक। अग्नि से हवन करना भी मना है। ये सब करने से बच्चों को जीवन में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए इन नियमों का ध्यान जरूर रखें और जानकारी दूसरों तक भी पहुंचाएं।

शीतला अष्टमी कब है | Sheetala Ashtami 2026 Date

अब अगर आप सोच रहे हैं कि 2026 में शीतला अष्टमी कब है तो बता दें - हिंदू पंचांग के मुताबिक ये बुधवार, 11 मार्च को है। होली के करीब एक हफ्ते बाद, चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को ये त्योहार मनाया जाता है। इस बार अष्टमी तिथि 11 मार्च की रात 1:54 बजे शुरू होगी और 12 मार्च की सुबह 4:19 बजे तक रहेगी। ज्यादातर लोग 11 तारीख को दिन में पूजा करते हैं, लेकिन असली तैयारी तो एक दिन पहले शुरू हो जाती है। इस दिन को शीतला सप्तमी कहते हैं। घर में सारा खाना उसी दिन बना लिया जाता है, जो अगले दिन खाया जाएगा।

अब सवाल आता है क्या शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं?

भारत में कई लोग दिन की शुरुआत चाय या कॉफी के साथ करते हैं, लेकिन शीतला अष्टमी के दिन चूल्हा नहीं जलता, और चाय एक दिन पहले बनाकर नहीं रख सकते। तो जवाब है नहीं, इस दिन चाय पीना ठीक नहीं। आप ठंडा दूध, लस्सी या कोल्ड कॉफी ले सकते हैं।

शीतला अष्टमी के दिन क्या खाना चाहिए?

इस दिन नारियल या कोई भी ताजी बनी चीज नहीं खानी चाहिए। बाहर का खाना भी न लें। सिर्फ घर का बना बासी और ठंडा खाना ही खाएं। मान्यता है कि इस दिन चूल्हा या गैस नहीं जलाना चाहिए, इसलिए सारा खाना एक दिन पहले ही बना लिया जाता है। ठंडा और बासी भोजन शरीर को ठंडक देने वाला माना जाता है।

कुछ जरूरी नियम भी हैं

शीतला अष्टमी पर न तो गर्म खाना खाएं, न ही गर्म पानी से नहाएं। ठंडे पानी से स्नान करें। ऐसा करने से संक्रमण से बचाव होता है, ऐसा लोगों का विश्वास है। पूजा से पहले घर की साफ-सफाई कर लें, लेकिन स्नान-पूजा के बाद झाड़ू न लगाएं। और हां, इस दिन गधे की सवारी न करें और न ही उसे तंग करें क्योंकि गधा मां शीतला की सवारी है। गधे को सजाने से भी बचें, वरना मां नाराज हो सकती हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

Updated on:
10 Mar 2026 05:32 pm
Published on:
10 Mar 2026 05:32 pm