धर्म और अध्यात्म

Somvati Amavasya 2026: पूर्वजों और महादेव की कृपा के लिए इस दिन करें ये सरल उपाय

Somvati Amavasya Upay: ज्येष्ठ अमावस्या पर बन रहे सोमवती अमावस्या योग का धार्मिक महत्व क्या है? जानिए पूजा का शुभ समय, दान-पुण्य की परंपराएं और भगवान शिव व पितरों की आराधना से जुड़े प्रमुख उपाय।
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Updated: 2 Jun 2026, 4:35 PM IST
Somvati Amavasya 2026 Shubh Muhurat, Shiv Puja
Somvati Amavasya 2026: पितरों के तर्पण, दान और शिव आराधना का विशेष संयोग (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Somvati Amavasya 2026 Date and Time: भारतीय संस्कृति में त्योहार और व्रत सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहते, ये सच में हमारे जीवन को बदलने वाले मौके बन जाते हैं। अब 2026 में, ज्येष्ठ महीने में एक बड़ा संयोग आने वाला है, जिसका इंतजार करोड़ों लोग सालों से कर रहे हैं। इस बार 14 और 15 जून को सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2026) का दुर्लभ योग बन रहा है। मान्यता है, इस खास समय में अगर आप सच्चे मन से थोड़ी भी पूजा कर लेते हैं, तो भगवान शिव तक आपकी बात सीधे पहुंचती है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा से किए गए पूजन से सकारात्मक फल प्राप्त हो सकते हैं।

सोमवती अमावस्या 2026 का शुभ मुहूर्त (Somvati Amavasya 2026 Date and Time)

द्रिक पंचांग के अनुसार ये (Somvati Amavasya 2026) पर्व 14 जून को दोपहर 12:19 बजे शुरू होगा और 15 जून की सुबह 8:23 बजे तक चलेगा। पंचांग के हिसाब से दोनों ही दिन शुभ माने गए हैं। 14 जून को व्रत रखने, मन में संकल्प लेने और भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे अच्छा वक्त है, जबकि 15 जून की सुबह दान-पुण्य करने और किसी पवित्र नदी में स्नान करने का वक्त सबसे बढ़िया है।

चावल दान का धार्मिक महत्व

अब अगर आप कारोबार में घाटे से परेशान हैं या पैसे टिक नहीं रहे, तो इसी सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2026) पर एक आसान सा उपाय आजमा सकते हैं। स्नान के बाद 1.25 किलो साबुत चावल लें और किसी पास के शिवमंदिर में जाकर भगवान शिव की विधिवत पूजा करें। इसके बाद वो चावल सम्मान से किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान कर दें। धार्मिक मान्यता है कि है कि सफेद चावल का यह दान पिछले जन्मों के पाप भी दूर कर सकता है और इंसान के मन की भारी चिंता हटा सकता है।

सूर्य देव को अर्घ्य देने की परंपरा

वैसे इस दिन सूरज की पूजा भी कम जरूरी नहीं। अमावस्या (Somvati Amavasya 2026) की सुबह जब सूरज हल्की लालिमा के साथ निकलें, तो तांबे के लोटे से उन्हें जल चढ़ाइए। साथ ही मन ही मन सूर्य गायत्री मंत्र भी बोलिए"ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्।" धार्मिक मान्यता है कि हैं इस तरह करने से समाज में इज्जत बढ़ती है और घर में पैसों की आमद भी स्थायी हो जाती है। इस तरीका को आप सिर्फ इस दिन नहीं, हर अमावस्या पर आजमाकर भी फायदा पा सकते हैं।

शिव पूजा का विशेष उपाय

अगर मन बहुत अशांत है या रोजमर्रा की जिंदगी में तनाव से घिरे हैं, तो शिवलिंग पर गंगाजल या साधारण ठंडा पानी चढ़ाइए और ये रुद्र मंत्र ज़रूर बोलिए"ॐ नमः शम्भवाय च मयोभववाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवा च शिवतराय च।"

चंद्र दोष शांति के लिए उपाय

जिन लोगों की कुण्डली में चंद्रमा अशुभ है या मन लगातार बेचैन रहता है, उनके लिए ये दिन वरदान है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गोमाता को ताजा दही या भीगे हुए चावल अपने हाथ से खिलाइए। इससे चंद्र दोष शांत हो जाता है।

अमावस्या पर मंदिर जाते वक्त अपने साथ जल, कच्चा दूध, बेलपत्र, सुपारी, धतूरा, ताजे या मौसमी फल, सूखे मेवे और एक रक्षासूत्र जरूर ले जाएं। इन सब चीजों को भगवान शिव को चढ़ाते हुए "ॐ नमः शिवाय" का जाप करते रहें।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

Updated on:
2 Jun 2026, 4:35 PM IST
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