Tirupattur Brahmapureeswarar Temple : तिरुचिरापल्ली के पास ब्रह्मपुरीश्वर मंदिर, तिरुपत्तूर: जानें कैसे 36 भोग और 9 परिक्रमा कर ब्रह्मा जी से अपना भाग्य फिर से लिखवाएं। गुरु दोष, शादी की देरी और करियर की रुकावटों को दूर करने का यह सबसे शक्तिशाली मंदिर है। मंदिर के समय और विशेष गुरुवार पूजा के बारे में पढ़ें।
Takdeer Badalne Wala Mandir : तमिलनाडु में एक मंदिर है, जहां लोग सचमुच मानते हैं कि यहां एक खास पूजा करने से किस्मत बदल सकती है। तिरुपत्तूर के पास, तिरुचिरापल्ली जिले में, ब्रह्मपुरीश्वर मंदिर (Tirupattur Brahmapureeswarar Temple) एक ऐसा शिव मंदिर है, जिसे लोग बरसों से अपनी आस्था का केंद्र मानते आए हैं। ये गांव पहले थिरुपद्दयुर कहलाता था, और यहां कई पुराने मंदिर आज भी मौजूद हैं। लोग कहते हैं, यहां आकर सच्चे मन से प्रार्थना करो, तो तकदीर बदल सकती है।
मंदिर हर रोज सुबह 7:30 से दोपहर 12 बजे तक, और फिर शाम 4 से रात 8 बजे तक खुला रहता है। खास बात ये है कि गुरुवार को मंदिर सुबह 6 बजे ही खुल जाता है, क्योंकि उस दिन यहां भीड़ ज्यादा होती है और खास पूजा होती है।
कहते हैं, कभी ब्रह्मा के भी शिव जी की तरह पांच सिर थे। धीरे-धीरे ब्रह्मा को घमंड होने लगा कि वे शिव के बराबर हैं। शिव को ये पसंद नहीं आया, और उन्होंने गुस्से में ब्रह्मा का एक सिर काट दिया और उनकी सृजनशक्ति छीन ली। ब्रह्मा को अपनी गलती का अहसास हुआ, और वे माफी मांगने के लिए तिरुपत्तूर पहुंचे। यहां उन्होंने बारह शिवलिंगों की पूजा की, खूब तपस्या की। शिव उनकी भक्ति से खुश हो गए, उनकी शक्ति लौटाई और साथ ही एक अनोखा वरदान भी दिया।
शिव ने ब्रह्मा से कहा – “अब से जो कोई भी यहां आकर सच्चे मन से प्रार्थना करेगा, उसका भाग्य बदल जाएगा। तब से लोग मानते हैं कि ब्रह्मा खुद यहां आने वालों का भाग्य फिर से लिखते हैं।
यहां का ब्रह्मा मंदिर बेहद खास है । कहते हैं हर गुरुवार जब लोग पीले कपड़े पहनकर पूजा करने आते हैं, तो मंदिर में एक सुनहरी सी चमक फैल जाती है। यहां पूजा करने का भी एक खास तरीका है पहले गुरु दक्षिणामूर्ति की पूजा, फिर ब्रह्मा, उसके बाद विष्णु, और आखिर में शिव जी की पूजा होती है।
यहां की देवी-देवताओं की व्यवस्था “गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा” वाले मंत्र को जैसे जीता-जागता रूप देती है। मंदिर में देखने के लिए भी बहुत कुछ है – पश्चिम की ओर मुख किए हुए कालभैरव, और एक अनोखा शिवलिंग, जिसमें सोलह धारियां हैं। लोग मानते हैं, ये शिवलिंग रात में बच्चों को बुरी शक्तियों से बचाता है।
अगर आपकी कुंडली में गुरु दोष है, शादी में देरी हो रही है, या करियर में रुकावट है, तो लोग कहते हैं – एक बार तिरुपत्तूर जरूर जाओ। यहां ब्रह्मा मंदिर में खास परंपरा है – 36 भोग चढ़ाओ, 108 तुलसी के पत्ते अर्पित करो और नौ बार परिक्रमा करने का विधान भी है। मान्यता है कि ये सब श्रद्धा से करने पर ब्रह्मा खुद आपकी किस्मत फिर से लिख देते हैं। जिनकी जिंदगी में बदलाव चाहिए, उन्हें यहां एक बार जरूर आना चाहिए। कहा जाता है, यहाँ आकर सचमुच जीवन की कहानी बदल सकती है।